किस कंपनी में काम करते थे AI इंजीनियर अतुल? पत्नी-जज विवादों में! सोशल मीडिया पर छाया JusticeForAtul
Atul Subhash Case: बेंगलुरु के मंजूनाथ लेआउट, बोम्मनहल्ली में 34 वर्षीय एआई इंजीनियर अतुल सुभाष (Atul Subhash) की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है। उनके फ्लैट से बरामद 24 पन्नों का नोट और 1:20 घंटे का वीडियो कई गंभीर मुद्दों की ओर इशारा करते हैं। इस घटना ने न्याय व्यवस्था, वैवाहिक विवादों और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति हमारी सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अतुल सुभाष ने नोट और वीडियो में अपनी पत्नी निकिता सिंघानिया (Nikita Singhania), उनके परिवार और जौनपुर फैमिली कोर्ट की जज रीता कौशिक (Reeta Kaushik) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें झूठे दहेज उत्पीड़न और अन्य मामलों में फंसाया गया। नोट के मुताबिक, उनकी पत्नी ने उनसे तीन करोड़ रुपये की मांग की थी और उन पर 120 बार कोर्ट में पेशी का दबाव डाला गया।

किस कंपनी में नौकरी करते थे अतुल?
अतुल सुभाष मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और बेंगलुरु में महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी में एआई और एमएल (मशीन लर्निंग) के एक्सपर्ट के रूप में डीजीएम पद पर कार्यरत थे। उनकी शादी 2019 में यूपी के जौनपुर में हुई थी। निकिता सिंघानिया, जो खुद एक जानी-मानी कंपनी एसेंचर में कार्यरत हैं, पर अच्छी सैलरी होने के बावजूद अतुल से 40 हजार रुपये मासिक गुजारा भत्ता लेने और अतिरिक्त पैसों की मांग करने का आरोप है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
अतुल की मौत के बाद, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #JusticeForAtul और #MensMentalHealth जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। हजारों प्रोफेशनल्स और आम लोग उनके लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स लिंक्डइन पर कई यूजर्स ने लिखा है कि इस घटना से पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य और न्याय प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर ध्यान देना चाहिए।
न्याय व्यवस्था पर सवाल
- अतुल सुभाष की मौत ने वैवाहिक मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की धीमी गति और झूठे मामलों के कारण होने वाले मानसिक तनाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- सामाजिक और कानूनी एक्सपट्र्स का कहना है कि इस मामले को एक मिसाल के तौर पर लेना चाहिए ताकि वैवाहिक विवादों में निष्पक्षता और न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
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