उठिए अटल जी, खिलाइये बालूशाही
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)आज राष्ट्रपति प्रणव कुमार मुखर्जी जाएंगे अटल बिहारी वाजपेयी के आवास में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने के लिए। क्या उन्हें वहां पर बालूशाही या गुलाब जामुन खाने को मिलेगा।
जिन दिनों वाजपेयी जी पूरी तरह से स्वस्थ थे, उस दौर में उनके पास जो भी मिलने आता था,तो उसे घंटेवाला या गोल मार्केट के बंगला स्वीट हाउस की बालूशाही या गुलाब जामुन अवश्य मिलता था। जो इन्हें खाने से आना-कानी करता था, उससे अटल जी नाराज हो जाते थे। कहते थे, अगर खाना नहीं तो यहां पर आए ही क्यों।
कानपुर से लेकर
अटल जी को करीब से जानने वाले जानते हैं कि एक दौर में राजधानी में उनके कानपुर से लेकर ग्वालियर तक के मित्र और बंधु लगातार आया करते थे। घर में ही कविता पाठ से लेकर लजीज मिठाइयों की भी विस्तार से चर्चा हो जाती थी। इसमें ही लगातार वरिष्ठ और नवोदित लेखकों और कवियों की ताजा पुस्तकों का विमोचन भी होता था।
अब लगभग शांत
वे 2009 में एक स्ट्रोक पड़ने के बाद से लगभग शांत हैं। अपने भाषणों से भीड़ को बांध देने वाले वाजपेयी अब खामोश रहते हैं। वे साल 2004 में मुक्त होने के बाद वे इधर रह रहे हैं। अब उनसे मिलने के लिए उनके पुराने मित्र एनएम घटाटे, लाल कृष्ण आडवाणी और बीसी खंडूरी ही आते हैं। सुप्रीम कोर्ट के वकील घटाटे हर हफ्ते उनसे मिलने आते हैं।
प्रेस क्लब के सामने
बता दें कि अटल जी लंब समय तक दिल्ली प्रेस क्लब के ठीक सामने वाले 6 राजेन्द्र प्रसाद रोड के बंगले में भी रहे। अब इधर भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी रहते हैं। जनता पार्टी सरकार में विदेश मंत्री रहते हुए भी वे इसी बंगले में रहे। आज जब अटल जी को भारत रत्न मिल रहा है तो उनके देशभर के प्रशंसकों को उनकी शानदार मेजबानी भी याद आ रही है।













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