आज भारत रत्न से सम्मानित होंगे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई
नई दिल्ली। आज राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अपना एक प्रोटोकॉल तोड़ेंगे और ऐसा करके वह एक इतिहास अपने नाम करेंगे। आज राष्ट्रपति कृष्णा मेनन मार्ग पर जाएंगे और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने वाले हैं।
पीएम मोदी रहेंगे मौजूद
पूर्व पीएम वाजपेई की तबियत सेहत खराब है और वह खुद पुरस्कार ले सकने में असमर्थ हैं। इसलिए देश के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब प्रोटोकॉल तोड़कर राष्ट्रपति किसी को भारत रत्न देने खुद जाएंगे। वाजपेई के आवास पर होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।
पहले गैर कांग्रेसी पीएम
ग्वालियर में 25 दिसंबर 1924 को जन्मे वाजपेयी पहले जनसंघ फिर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के संस्थापक अध्यक्ष रहे। तीन बार प्रधानमंत्री रहे वाजपेयी के समय देश की आर्थिक विकास दर तेज रही।
वह देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री बने जो गैर कांग्रेसी थे। साथ ही पहले ऐसे गैर कांग्रेसी पीएम भी बने जिन्होंने पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा किया।
वह आरएसएस से जरूर जुड़े थे लेकिन उनकी छवि हमेशा एक धर्मनिरपेक्ष और उदारवादी नेता की रही। सभी दलों के लोग व्यक्तिगत रूप से उनका सम्मान करते हैं।
पाक के साथ रिश्तों की नई पहल
पूर्व पीएम वाजपेई पाक के साथ रिश्ते सुधारने की कई साहसिक पहल के लिए भी जाना जाता है। इस पहल में सबसे खास है फरवरी 1999 की लाहौर बस सेवा। इस ऐतिहासिक बस सेवा के तहत पाकिस्तान जाकर उन्होंने वहां के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ लाहौर घोषणा पर हस्ताक्षर किए।
मदन मोहन मालवीय को भी मिलेगा सम्मान
महामना को मरणोपरांत इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। उनके परिजनों को 30 मार्च को राष्ट्रपति भवन में यह पुरस्कार दिया जाएगा। वाजपेयी और महामना इस पुरस्कार से नवाजे जाने वाली 44वीं व 45वीं हस्ती हैं।













Click it and Unblock the Notifications