Assembly Elections 2026: होली के बाद 5 राज्यों में बजेगा चुनावी बिगुल, बंगाल में 7 फेज में वोटिंग
Assembly Elections 2026: पांच राज्यों के चुनावी दंगल का समय करीब आ गया है। साल 2026 की पहली तिमाही खत्म होते ही भारत के राजनीतिक मानचित्र पर हलचल तेज होने वाली है। चुनाव आयोग (ECI) की तैयारियों और हालिया दौरों से संकेत मिल रहे हैं कि होली (3 मार्च) के तुरंत बाद कभी भी चुनावी बिगुल बज सकता है।
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुदुचेरी इन पांच राज्यों में सत्ता की चाबी किसके पास होगी, इसका फैसला आने वाले कुछ हफ्तों में हो जाएगा। मंगलवार, 03 मार्च 2026: भारत के लोकतंत्र के लिए मार्च का महीना निर्णायक होने जा रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में असम, तमिलनाडु और पुदुचेरी का दौरा कर चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। सूत्रों की मानें तो चुनाव आयोग दो चरणों में इन पांचों राज्यों के चुनाव कार्यक्रम का एलान कर सकता है।
Assembly Election Dates India: दो चरणों में हो सकता है एलान किसे प्राथमिकता?
चुनाव आयोग के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, राज्यों की भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों के आधार पर घोषणा की जाएगी। पहला चरण (असम, तमिलनाडु, पुदुचेरी) इन राज्यों में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) की प्रक्रिया समय पर पूरी हो चुकी है।
यहां मार्च के मध्य तक चुनाव की तारीखों का एलान संभव है। दूसरा चरण (पश्चिम बंगाल और केरल) बंगाल में चल रहे 'SIR' विवाद और लंबी चुनावी प्रक्रिया को देखते हुए यहां का एलान मार्च के अंत तक खिसक सकता है। केरल और बंगाल की वोटिंग एक साथ कराई जा सकती है।
West Bengal 66 लाख वोटर 'बाहर' और 5-7 चरणों की चर्चा
बंगाल इस बार भी चुनाव आयोग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' के तहत राज्य में करीब 63.66 लाख वोटरों के नाम हटाए गए हैं और 60 लाख से अधिक नाम अभी जांच (Under Adjudication) के घेरे में हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे अलोकतांत्रिक और भेदभावपूर्ण बताते हुए 6 मार्च से धरने का एलान किया है।
2021 में बंगाल में 8 चरणों में मतदान हुआ था। इस बार सुरक्षा बलों के मूवमेंट और हिंसा की आशंका को देखते हुए आयोग 5 से 7 चरणों के बीच मतदान कराने पर विचार कर रहा है। 5 चरणों से कम में चुनाव कराना सुरक्षा के लिहाज से नामुमकिन माना जा रहा है।
मुख्य विधानसभा चुनावों से पहले, चुनाव आयोग 16 मार्च 2026 को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर भी चुनाव कराने जा रहा है। इनमें महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल हैं। यह चुनाव भी आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक दलों का मनोबल तय करेंगे।
चुनाव आयोग का 'जीरो टॉलरेंस' संदेश
पुदुचेरी और तमिलनाडु में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि वोटरों को लुभाने के लिए पैसे या शराब के वितरण पर पैनी नजर रहेगी। सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक के जरिए फैलाई जाने वाली भ्रामक खबरों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई होगी।
आयोग का दावा है कि मतदाता सूची अब 'क्लीन' है और कोई भी पात्र मतदाता बाहर नहीं रहेगा। होली के रंगों के उतरते ही देश में चुनावी रंग चढ़ने लगेगा। बंगाल का 'SIR' विवाद और तमिलनाडु में 'द्रविड़ियन मॉडल' बनाम 'भाजपा' की जंग इस बार के चुनावों को ऐतिहासिक बनाने वाली है।












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