असमिया गमछे को मिला 'GI' टैग, जानिए आखिर किसी प्रोडक्ट को यह टैग कब मिलता है?
असमिया गमछे को जीआई टैग मिल गया है। इस बात की जानकरी वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने खुद दी। गमछे को जीआई टैग मिलने की खबर मिलते ही पूरे असम के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।

'गमोछा' को असम की संस्कृति और पहचान का प्रतीक माना जाता है। इसी गमछे को पहनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई थी और देश की जनता को भरोसा दिलाया था कि वैक्सीन पूरी तरह प्रमाणित है। इससे शरीर पर किसी भी तरह का साइड इफेक्ट नहीं पड़ेगा। अब इस गमछे को ज्योग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग मिल गया है। जो कि असम के लोगों के लिए बड़ी बात है। क्योंकि केंद्र सरकार की तरफ से किसी भी प्रोडक्ट को जीआई टैग कई मानकों पर खरा उतरने के बाद दिया जाता है।
जीआई टैग मिलने की जानकारी मंत्री पीयूष गोयल ने दी
असम के गमछे को जीआई टैग का सर्टिफिकेट मंगलवार को मिला। इस बात की जानकारी केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ट्विटर पर दी। असमिया गमछे को जीआई टैग मिलने की जानकारी मिलते ही पूरे असम के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।
आवेदन के 5 साल बाद मिला जीआई टैग
असम के गमछे को रजिस्ट्रेशन के पांच साल बाद जीआई टैग मिला है। जानकारी के मुताबिक 16 अक्टूबर, 2017 में जीआई टैग के लिए आवेदन किया गया था। वहीं, इसे जीआई टैग देने की प्रक्रिया 2017 में शुरू हो गई थी। यह आवेदन गोलाघाट हस्तशिल्प विकास संस्थान की तरफ से किया गया था। असम को जीआई टैग मिलने पर मुख्यमंत्री, सहित अन्य मंत्रियों ने खुशी जताई है।
जानिए किसी प्रोडक्ट को क्यों दिया जाता है जीआई टैग
जीआई मुख्य रूप से एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले कृषि, प्राकृतिक या निर्मित उत्पादों, हस्तशिल्प और औद्योगिक वस्तुओं के लिए दिया जाता है। जीआई टैग किसी भौगोलिक क्षेत्र के प्रोडक्ट को इसलिए दिया जाता है, ताकि उस प्रोडक्ट को लेकर उस भौगोलिक क्षेत्र को कानूनी अधिकार मिल सके।
कैसे मिलता है GI टैग?
किसी प्रोडक्ट को जीआई टैग तभी मिलता है, जब उसके लिए आवेदन किया जाता है। यह आवेदन उस प्रोडक्ट को बनाने वाले एसोशिएशन की तरफ से किया जाता है। हालांकि, यह आवेदन सरकार या फिर लोकल बॉडी की तरफ से भी किया जा सकता है। इसके बाद प्रोडक्ट की क्वालिटी, पैदावार सहित अन्य बातों का ध्यान रखकर जीआई टैग दिया जाता है।
भारत में कौन देता है जीआई टैग?
किसी भी प्रोडक्ट को जीआई टैग भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्री प्रमोशन एंड इंटरनल ट्रेड की तरफ से दिया जाता है। भारत में यह टैग अब तक कई वस्तुओं को मिल चुका है। जैसे बासमती चावल पर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों को जीआई टैग दिया गया है।
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