अंधविश्वास: तलवार से दे रहा था 3 साल की बच्ची की बली, पड़ोसियों के हंगामे पर पकड़ा गया टीचर
अंधविश्वास: तलवार से दे रहा था 3 साल की बच्ची की बली,पकड़ा गया टीचर
नई दिल्ली। अंधविश्वास के जाल में फंसकर असम के उदलगुड़ी जिले के स्कूल शिक्षक और उसके परिवार ने अपने घर की 3 साल की बच्ची की बलि देने की कोशिश की, लेकिन पड़ोसियों के हंगामे की वजह से बच्ची की जान बच गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उदलगुड़ी के सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। टीचर और उसका पूरा परिवार अंधविश्वास के चंगुल में फंसे थे। टीचर और उसका परिवार अपने घर की बच्ची की बलि देने जा रहा था। बच्ची की गर्दन लंबी तलवार से काटने की तैयारी की जा रही थी।

पुलिस के मुताबिक उन्हें पड़ोसियों से सूचना मिली। पुलिस के साथ-साथ मीडिया को भी इसकी सूचना दी गई। जब पुलिस और मीडिया टीचर के घर पहुंची तो सामने का नजारा देखकर सबकी आंखें फटी की फटी रह गई। टीचर अपनी साली की 3 साल की बच्ची की बलि देने जा रहा था। पूरा परिवार तांत्रिक के सामने पूजा पाठ कर रहा था। बच्ची के कपड़े उतारकर उसकी गर्दन पर तलवार टांग दी गई। बच्ची के मां के सामने तांत्रिक उसका गला काटने जा रहा था कि तभी पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस और मीडिया को देखकर टीचर और उसका परिवार बौखला गया। वो पुलिस और लोगों को घर के बर्तन और पत्थर फेंकने लगा। जब पुलिस और मीडियाकर्मियों ने हस्तक्षेप की कोशिश की तो परिवार के सदस्यों ने पत्थर और बर्तन फेंकने शुरू कर दिए तथा मोटरसाइकिल, कार, टेलीविजन सेट और फ्रिज में आग लगा दी। हालात पर नियंत्रण करने की कोशिश में पुलिस ने हवाई फायरिंग की। इस दौरान शिक्षक और उसका बेटा पुलिस की गोलीबारी में घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने मीडिया को बताया कि बच्ची शिक्षक की साली की बेटी है और उसके पिता ने उसकी मां की मौजूदगी में बच्ची की बलि देने के लिए उसे सौंपा था। पुलिस ने तांत्रिक और परिवार के कुछ सदस्यों को हिरासत में लिया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।












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