असम के विधायक अखिल गोगोई को NIA कोर्ट ने सभी आरोपों से किया बरी
नई दिल्ली, 01 जुलाई। असम के विधायक अखिल गोगोई को एनआईए कोर्ट से ने बरी कर दिया है। अखिल गोगोई के खिलाफ यूएपीए के तहत राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन कोर्ट ने उन्हें अब बरी कर दिया है, ऐसे में जल्द ही अखिल गोगोई जेल से बाहर आ सकते हैं। अखिल गोगोई सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं, उनपर आरोप था कि असम में सीएए कानून के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया था और इस दौरान हुई हिंसा को भड़काने का अखिल गोगोई पर आरोप था। एनआईए ने चाबुआ पुलिस स्टेशन और गुवाहाटी में अखिल के खिलाफ केस दर्ज कराया था। एक मामले में अखिल को कोर्ट ने पहले ही बरी कर दिया था, ऐसे में दूसरे मामले में भी बरी होने के बाद अखिल गोगोई जेल से बाहर आ सकते हैं।
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गौर करने वाली बात है कि गोगोई रायजोर दल के चीफ हैं, उन्होंने दिसंबर 2019 में सीएए कानून के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में अखिल गोगोई ने शिव सागर विधान सभा सीट से जीत दर्ज की थी। भाजपा के उम्मीदवार सुरभि राजकुंवर और कांग्रेस के शुभ्रमित्र को हराकर अखिल गोगोई ने जीत दर्ज की थी। फिलहाल कोर्ट ने अखिल को सभी आरोपों से बरी कर दिया है और हिंसक आंदोलन में उनकी भूमिका को खारिज कर दिया है।
एनआईए कोर्ट के विशेष जज प्रांजल दास चांदमारी ने इस मामले में अन्य आरोपी धिरज्या कुंवर, मानस कुंवर और बीटू सोनोवाल के खिलाफ आरोप अभी तय नहीं किए हैं। आरोप है कि इन लोगों का माओवादियों के साथ संबंध है। बता दें कि एनआईए एंटी सीएए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच कर रही थी और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे। बता दें कि अखिल गोगोई के बाकी के तीन साथियों को पहले ही रिहा कर दिया गया है, जल्द ही अखिल गोगोई भी इस मामले में बरी होने के बाद जेल से बाहर आ सकते हैं।












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