Assam Election 2026: कितनी सीट जीत रही BJP? CM के लिए पहली पसंद कौन? चुनाव से पहले आया बड़ा OPINION POLL
Assam Election 2026 OPINION POLL: असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले आए ताजा ओपिनियन पोल ने सियासी तस्वीर को काफी हद तक साफ कर दिया है। आंकड़ों के मुताबिक इस बार भी मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही है, लेकिन अंदरूनी बगावत और बेरोजगारी जैसे मुद्दे चुनाव को दिलचस्प बना रहे हैं।
वोट वाइब के ताजा सर्वे में सामने आया है कि असम में सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के के नेतृत्व में बीजेपी फिर से सरकार बनाएगी। हालांकि कांग्रेस भी कड़ी टक्कर देती नजर आ रही है। ऐसे में आइए जानते हैं कि ओपिनियन पोल में भाजपा-कांग्रेस को सीट, वोट शेयर को लेकर क्या संभावनाएं हैं।

Assam OPINION POLL 2026:सीटों का गणित: कौन कितनी सीटें जीत सकता है?
वोट वाइब के ओपिनियन पोल के मुताबिक असम में एनडीए को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है।
| गठबंधन/पार्टी | संभावित सीटें |
|---|---|
| NDA (BJP+) | 82-92 |
| INDIA (कांग्रेस) | 30-40 |
| AIUDF | 2-4 |
| UPPL | 0-2 |
हालांकि सर्वे में यह भी सामने आया है कि बीजेपी को 7 सीटों पर अंदरूनी बगावत का सामना करना पड़ रहा है, जिससे अंतिम सप्ताह में उसकी सीटों का आंकड़ा थोड़ा घटा है। इसके बावजूद सरकार बनाने की स्थिति में NDA मजबूत दिखाई दे रहा है।
#VoteTracker | Which party will come out as the winner in the upcoming Assam assembly election?
Know what the #OpinionPoll predicts #Assam #AssamElections #HimantaBiswa | @VoteVibeIndia
Watch #LIVE: https://t.co/vKwMT7UJ0M pic.twitter.com/0rIKpX92p5
— News18 (@CNNnews18) April 6, 2026
वोट शेयर में कांटे की टक्कर (Assam Chunva BJP Congress Vote share)
सीटों में बढ़त के बावजूद वोट प्रतिशत के मामले में मुकाबला काफी करीब है।
| पार्टी | वोट शेयर (%) |
|---|---|
| BJP | 45-48% |
| कांग्रेस | 39-44% |
| अन्य | 10-13% |
यानी साफ है कि वोट प्रतिशत में कांग्रेस भी मजबूत स्थिति में है, लेकिन सीट कन्वर्जन में बीजेपी बढ़त लेती दिख रही है।
अगला CM कौन? जनता की पहली पसंद
मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर भी सर्वे में दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं। भाजपा नेता सीएम हिमंत बिस्वा सरमा साफ बढ़त में हैं। लेकिन कांग्रेस नेता गौरव गोगोई दूसरे नंबर पर बने हुए हैं।
| नेता | समर्थन (%) |
|---|---|
| हिमंत बिस्वा सरमा | 47.1% |
| गौरव गोगोई | 37.3% |
| बदरुद्दीन अजमल | 2.8% |
| अखिल गोगोई | 2.8% |
| अन्य | 4.3% |
| कह नहीं सकते | 5.7% |
जनता की राय: सरकार के कामकाज पर क्या सोचती है जनता?
सर्वे में मौजूदा सरकार के कामकाज को लेकर जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है।
| रेटिंग | प्रतिशत |
|---|---|
| बहुत अच्छा | 31% |
| अच्छा | 13.7% |
| औसत | 16.7% |
| खराब | 17% |
| बहुत खराब | 13.8% |
| कह नहीं सकते | 7.8% |
चुनावी मुद्दे और बदलता समीकरण
इस चुनाव में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरी है। सर्वे के मुताबिक 23% लोग इसे सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा मानते हैं। यही फैक्टर चुनाव का रुख बदल सकता है।
दूसरी तरफ बीजेपी को अपने ही नेताओं की बगावत से जूझना पड़ रहा है, जो कुछ सीटों पर नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं कांग्रेस के लिए चुनौती यह है कि वह वोट प्रतिशत को सीटों में कैसे बदलती है।
चाणक्य स्ट्रेटजी का सर्वे: 100 सीट के करीब BJP गठबंधन
चाणक्य स्ट्रेटजी के ओपिनियन पोल में बीजेपी गठबंधन को और भी ज्यादा मजबूती के साथ दिखाया गया है।
| गठबंधन | सीट अनुमान |
|---|---|
| BJP+ | 83-90 (100 के करीब संभावना) |
| कांग्रेस | 30-36 |
इस सर्वे के मुताबिक बीजेपी गठबंधन बहुमत से काफी आगे निकल सकता है और फिर से सरकार बनाना लगभग तय माना जा रहा है।
कुल मिलाकर ओपिनियन पोल यह संकेत दे रहे हैं कि असम में बीजेपी गठबंधन का पलड़ा फिलहाल भारी है। सीटों के लिहाज से NDA को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है और हिमंत बिस्वा सरमा की लोकप्रियता भी उनके पक्ष में जाती नजर आ रही है।
हालांकि कांग्रेस भी पूरी तरह मुकाबले में है और अगर बेरोजगारी जैसे मुद्दे जोर पकड़ते हैं, तो चुनावी तस्वीर में बदलाव संभव है।
असम विधानसभा चुनाव 2026 में किसका पलड़ा भारी?
असम की राजनीति को समझने के लिए 2021 का चुनाव एक अहम संदर्भ देता है। उस चुनाव में भाजपा ने सहयोगियों के साथ मिलकर साफ बहुमत हासिल किया था। 126 सीटों वाली विधानसभा में BJP को 60, उसकी सहयोगी AGP को 9 और UPPL को 6 सीटें मिलीं, यानी NDA आराम से सत्ता में लौटा। दूसरी तरफ कांग्रेस और उसके सहयोगी 49 सीटों पर सिमट गए, हालांकि AIUDF के साथ उसका गठबंधन था, जिससे विपक्ष का आंकड़ा कुछ मजबूत दिखा, लेकिन जमीन पर वह बिखरा हुआ नजर आया।
2021 में BJP की जीत का आधार सिर्फ हिंदुत्व या राष्ट्रीय मुद्दे नहीं थे, बल्कि हिमंता बिस्वा सरमा की संगठन क्षमता, क्षेत्रीय समीकरणों की समझ और कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच भी बड़ा फैक्टर थी। कांग्रेस के पास चेहरा और स्पष्ट नैरेटिव दोनों की कमी दिखी।
अब 2026 की ओर बढ़ते हुए तस्वीर थोड़ी बदली है, लेकिन पूरी तरह नहीं। BJP अब भी मजबूत है, खासकर सत्ता का लाभ और सरमा की व्यक्तिगत पकड़ उसके पक्ष में है। लेकिन इस बार बेरोजगारी, महंगाई और स्थानीय असंतोष जैसे मुद्दे उभरकर सामने आए हैं। कांग्रेस की तरफ से गौरव गोगोई जैसे चेहरे कुछ ऊर्जा जरूर ला रहे हैं, पर संगठनात्मक कमजोरी अब भी बड़ी चुनौती है।
कुल मिलाकर, मौजूदा समीकरणों में BJP आगे दिखती है, लेकिन 2021 जैसी एकतरफा जीत की स्थिति नहीं है। अगर कांग्रेस अपने वोट को सीटों में बदलने की रणनीति सुधारती है और स्थानीय मुद्दों को धार देती है, तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। हालांकि ज्यादातर आए ओपनियन पोल में भाजपा के जीत के अनुमान है।












Click it and Unblock the Notifications