असम: काजीरंगा में सद्गुरु की नाइट सफारी पर विवाद, सीएम बोले- नहीं हुआ किसी नियम का उल्लंघन
गुवाहाटी, 26 सितंबर: असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में सद्गुरु जग्गी वासुदेव की यात्रा पर विवाद हो गया है। वहां के दो एक्टिविस्ट ने आरोप लगाया कि सद्गुरु, सीएम सरमा और पर्यटन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने नेशनल पार्क में नाइट सफारी की, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि असम सीएम दावा कर रहे कि नेशनल पार्क में सब कुछ नियमानुसार ही हुआ है।
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जानकारी के मुताबिक एक्टिविस्ट सोनेश्वर नारा और प्रबीन पेगू ने गोलाघाट जिला पुलिस में सद्गुरु, सरमा और बरुआ के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वीआईपी लोगों ने शनिवार रात को निर्धारित समय के बाद काजीरंगा नेशनल पार्क में एंट्री की। ये पार्क एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध है। ऐसा करके उन्होंने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 का उल्लंघन किया है। जिसमें तय वक्त के बाद जानवरों के घर (जंगल) में प्रवेश नहीं करने की बात कही गई है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे, जिसमें सदगुरु को एक ओपन सफारी एसयूवी चलाते हुए देखा जा रहा, उसमें सीएम सरमा और बरुआ बैठे थे।
मीडिया से बात करते हुए सीएम ने कहा कि ये कोई नियम का उल्लंघन नहीं है। वन्यजीव कानून के मुताबिक वार्डन रात में भी संरक्षित क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति दे सकते है। कोई कानून लोगों को रात में प्रवेश करने से नहीं रोकता है। हमने पार्क का औपचारिक उद्घाटन किया था। सद्गुरु और श्री श्री रविशंकर के लाखों अनुयायी हैं, ऐसे में ये पर्यटन के लिहाज से काफी अच्छा होगा।
क्या कह रहे अधिकारी?
वहीं असम के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एमके यादव ने कहा कि वन विभाग ने सद्गुरु और मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया था। ऐसे में ये कहना गलत है कि सद्गुरु और हमारे मुख्यमंत्री ने देर रात पार्क में प्रवेश कर नियम का उल्लंघन किया। उनके लिए सारे इंतजाम किए गए थे, इस वजह से अंधेरा होने की वजह से उन्हें रद्द नहीं किया जा सकता था।












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