• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

असमः नौकरी घोटाले में कैसे पकड़ी गई बीजेपी सांसद की बेटी

By Bbc Hindi
असम लोक सेवा आयोग, एपीएससी, APSC, assam public service commission
BBC
असम लोक सेवा आयोग, एपीएससी, APSC, assam public service commission

असम में भारतीय जनता पार्टी के सांसद राम प्रसाद शर्मा की बेटी पल्लवी शर्मा को कथित तौर पर 'पैसे के बदले नौकरी लेने' से जुड़े एक मामले में गिरफ़्तार किया गया है.

यह मामला 2016 में असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) की नौकरियों में हुए घोटाले से जुड़ा है.

पुलिस ने बुधवार को पल्लवी के साथ उसी बैच के 18 दूसरे अधिकारियों को भी गिरफ़्तार किया है.

इन लोगों ने 2016 में एपीएससी की परीक्षा दी थी लेकिन जांच के दौरान उनकी लिखावट परीक्षा की कॉपियों की लिखावट से अलग मिली, जिसके बाद इन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.

पल्लवी शिवसागर ज़िले में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस के तौर पर तैनात थीं. गिरफ़्तार किए गए सभी अधिकारी पुलिस हिरासत में हैं.

कैश फ़ॉर जॉब घोटाला

एपीएससी में 'कैश फॉर जॉब घोटाले' की जांच कर रही डिब्रूगढ़ पुलिस ने असम सिविल सेवा (एसीएस), असम पुलिस सेवा (एपीएस) और इसकी सहयोगी सेवाओं के अधिकारियों को हैंड राइटिंग टेस्ट के लिए बुलाया था. पुलिस को उत्तर पुस्तिका की फॉरेंसिक जांच के बाद गड़बड़ी की आशंका हुई थी.

डिब्रूगढ़ ज़िले के पुलिस अधीक्षक गौतम बोरा ने कहा कि इन अधिकारियों की लिखावट उत्तर पुस्तिका की लिखावट से मेल नहीं खाती है.

पुलिस अधिकारी के अनुसार बुधवार को गिरफ़्तार किए गए लोगों में 13 एसीएस अधिकारी, तीन एपीएस अधिकारी और तीन सहयोगी सेवा अधिकारी हैं.

एक पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं छापे जाने की शर्त पर कहा, "हमने उत्तर पुस्तिका की लिखावट को इन अधिकारियों की लिखावट से पहले ही मिला लिया था."

उन्होंने बताया कि गिरफ़्तारी से पहले वेरिफ़िकेशन के लिए इन लोगों को कुछ काग़जातों पर लिखने के लिए कहा गया था ताकि इनकी लिखावट को उत्तर पुस्तिका से मिलाया जा सके.

कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ घोटाला

2016 में असम लोक सेवा आयोग की नौकरियों में जब यह घोटाला सामने आया था, उस समय प्रदेश में तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार थी.

इन अधिकारियों के चयन के समय राकेश पॉल एपीएससी के अध्यक्ष थे. हालांकि 2016 में पुलिस ने इस घोटाले में कथित तौर पर शामिल होने को लेकर एपीएससी अध्यक्ष के अलावा आयोग के सदस्य समेदुर रहमान, बसंत कुमार दौले और परीक्षा के सहायक नियंत्रक पबित्रा कैइबार्ता को गिरफ्तार किया था.

इस घोटाले को सामने लाने में अंशुमिता गोगोई नाम की एक उम्मीदवार की भूमिका भी बताई जाती है.

अशुंमिता की शिकायत के बाद पुलिस ने एक मामला दर्ज किया था. आरोप है कि नबाकांत पाटीर नाम के एक सरकारी अभियंता ने अंशुमिता को 10 लाख रुपए का भुगतान करने पर एपीएससी में नौकरी देने की पेशकश की थी.

भाजपा में नाराज़गी

भाजपा सांसद की बेटी की गिरफ़्तारी के बाद उनके संसदीय क्षेत्र तेज़पुर में पार्टी के कार्यकर्ता काफ़ी नाराज़ हैं.

पार्टी के लोग 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले सामने आए इस मामले को पार्टी की छवि से जोड़कर देख रहे हैं.

भाजपा के शोणितपुर ज़िला अध्यक्ष मृणाल सैकिया ने बीबीसी से कहा, "एपीएससी का ये घोटाला कांग्रेस के समय हुआ था लेकिन हमारी पार्टी की सरकार आने के बाद इसकी जांच शुरू कराई गई. हमारी सरकार निष्पक्ष तरीके से जांच कर रही है, इसी के चलते इसमें शामिल सभी लोग पकड़े जा रहे हैं. हमारी पार्टी के सांसद की बेटी की गिरफ़्तारी इसका सबूत है कि सरकार एक निष्पक्ष जांच करा रही है."

मौजूदा सांसद की बेटी की गिरफ़्तारी से पार्टी की छवि कितनी ख़राब होगी?

इस सवाल पर सैकिया कहते हैं," इस तरह की घटना से पार्टी को कुछ न कुछ तो नुकसान होता ही है. विपक्ष के लोग भी सवाल उठाएंगे. अब सांसद का भविष्य पार्टी तय करेगी लेकिन हमारे क्षेत्र के लोगों को भाजपा सरकार पर पूरा भरोसा है क्योंकि हमारी सरकार निष्पक्ष जांच करा रही है. ऐसा नहीं है कि केवल कांग्रेस के लोगों के ख़िलाफ़ ही कार्रवाई हो रही है. अगर भाजपा का कोई व्यक्ति इस घोटाले में शामिल है तो उसके ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की जा रही है."

उन्होंने कहा, "जब व्यक्ति सार्वजनिक जीवन में हो तो उसे अपनी छवि साफ़-सुथरी रखनी चाहिए. हमें लगता है कि इस मामले में पार्टी के वरिष्ठ लोग ज़रूर ध्यान देंगे. हम भी चाहते हैं कि पार्टी हाई कमान इस मामले में कोई निर्णय ज़रूर लें."

'कोर्ट में बेटी को निर्दोष साबित कर दूंगा'

बेटी की गिरफ़्तारी के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद शर्मा ने कहा, "मेरी बेटी को झूठमूठ में फंसाया गया है और यह मामला अदालत में नहीं टिकेगा. पुलिस जांच में काफ़ी खामियां हैं."

पेशे से गुवाहाटी हाई कोर्ट के वकील सांसद शर्मा ने कहा, "मामले की सुनवाई शुरू होने दीजिए, मैं उसे निर्दोष साबित कर दूंगा."

भाजपा सांसद का आरोप है कि कुछ लोग उनके ख़िलाफ़ काफी पहले से 'राजनीतिक षड्यंत्र' रचते आ रहे हैं और उनकी बेटी की गिरफ़्तारी उसी षड्यंत्र का हिस्सा है ताकि 2019 में उनका टिकट कट जाए.

असम प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद रिपुन बोरा ने इस मामले में भाजपा सांसद के इस्तीफ़े की मांग उठाई हैं.

कांग्रेस नेता ने कहा, "हमने सुना है कि एपीएससी में बेटी को नौकरी दिलाने के एवज में 60 से 70 लाख रुपए देने पड़े. सांसद की बेरोज़गार बेटी के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई, इसकी जांच होनी चाहिए."

एपीएससी घोटाले में तब के अध्यक्ष राकेश पॉल गिरफ़्तार किए गए थे
PTI
एपीएससी घोटाले में तब के अध्यक्ष राकेश पॉल गिरफ़्तार किए गए थे

घोटाले की चल रही है जांच

एपीएससी घोटाले की जांच शुरू हुए दो साल हो गए हैं और राज्य सरकार अबतक पैसा देकर नौकरी हासिल करने वाले कुल 54 अधिकारियों को गिरफ़्तार कर चुकी है.

कई लोग ये भी दावा कर रहे हैं कि इस घोटाले में अभी कई और अधिकारी गिरफ़्तार होने बाकी हैं.

पिछले साल एपीएससी घोटाले में पूर्व कांग्रेस मंत्री नीलमणि सेन डेका के पुत्र राजर्षि सेन डेका को गिरफ़्तार किया गया था जो फिलहाल जेल में हैं.

असम सरकार ने बीते 21 जून को एपीएससी घोटाले में गिरफ़्तार हुए 13 अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था.

BBC Hindi
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Assam BJP MPs daughter caught in job scam

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X