Assam Assembly Election Result: असम में फिर से BJP सरकार, NDA ने दर्ज की प्रचंड जीत, कांग्रेस का क्या हुआ?
Assam Assembly Elections Result 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में भाजपा और उसके सहयोगियों के वर्चस्व को साबित कर दिया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में NDA ने विपक्ष का सूपड़ा साफ करते हुए तीन-चौथाई बहुमत हासिल किया है। इस चुनाव में भाजपा ने अकेले ही दो-तिहाई सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है।
वोटिंग के दिन रिकॉर्ड 85.91 प्रतिशत मतदान ने ही बदलाव या स्थिरता के बड़े संकेत दे दिए थे, जिस पर नतीजों ने मुहर लगा दी है।

दिग्गजों का प्रदर्शन और प्रमुख चेहरे
इस चुनाव में राज्य के कई बड़े चेहरों की साख दांव पर थी। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने पारंपरिक गढ़ जालुकबारी से शानदार जीत दर्ज कर हैट्रिक पूरी की है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने जोरहाट से राज्य की राजनीति में पदार्पण करने की कोशिश की, लेकिन NDA की लहर के आगे विपक्ष की राह कठिन दिखी।
बदरुद्दीन अजमल (AIUDF) ने भी बिन्नाकांडी से राज्य की राजनीति में वापसी की कोशिश की, जबकि शिवसागर सीट पर अखिल गोगोई अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए संघर्ष करते नजर आए।
सीटों का समीकरण और दलीय स्थिति
NDA गठबंधन में शामिल भाजपा ने 90, असम गण परिषद (AGP) ने 26 और बोडो पीपुल्स फ्रंट (BPF) ने 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। शुरुआती रुझानों से ही NDA 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए था, जो अंततः एक बड़ी जीत में तब्दील हो गई।
दूसरी ओर, कांग्रेस (99 सीटें) के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन, जिसमें रायजोर दल और असम जातीय परिषद शामिल थे, को जनता ने पूरी तरह नकार दिया। आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसे दलों की मौजूदगी के बावजूद मुकाबला मुख्य रूप से NDA बनाम अन्य ही रहा।
असम में हुआ ऐतिहासिक मतदान
9 अप्रैल को हुए मतदान में असम की जनता ने लोकतंत्र के उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। इस बार कुल 85.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। विशेष रूप से महिला मतदाताओं का टर्नआउट 86.5 प्रतिशत रहा, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक है। माना जा रहा है कि महिलाओं के इस भारी समर्थन ने ही भाजपा की जीत की राह को इतना आसान और प्रभावशाली बनाया है।
असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में भाजपा नीत NDA ने तीन-चौथाई बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की हैट्रिक और चुनाव के मुख्य आकर्षणों की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
बड़े चुनावी मुद्दे और रैलियों का असर
इस चुनाव में घुसपैठ, एनआरसी, सीएए और बेरोजगारी जैसे मुद्दे हावी रहे। जहां बीजेपी ने विकास और शांति के नाम पर वोट मांगा, वहीं कांग्रेस ने गठबंधन के साथ वापसी की कोशिश की। हालांकि, पीएम मोदी और अमित शाह की ताबड़तोड़ रैलियों के सामने विपक्षी खेमा पिछड़ता नजर आया। भारी मतदान प्रतिशत ने इस बार सत्ता पक्ष के पक्ष में लहर बनाने का काम किया है।
QR Code आधारित ID कार्ड से एंट्री
इस बार चुनाव आयोग (ECI) ने QR Code आधारित ID कार्ड सिस्टम लागू किया है। DC के मुताबिक काउंटिंग हॉल के बाहर QR कोड स्कैन करके ही सुरक्षा कर्मियों और अधिकृत लोगों को अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। खासतौर पर तीसरे सुरक्षा घेरे में तैनात CRPF जवानों की एंट्री इसी प्रक्रिया के जरिए हो रही है।
40 केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
असम के 35 जिलों में कुल 40 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। इसमें नागांव में तीन, जबकि कोकराझार, तिनसुकिया और जोरहाट में दो-दो केंद्र स्थापित हैं। सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल के अनुसार, 126 पर्यवेक्षक और लगभग 6 हजार कर्मी इस पारदर्शी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
722 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला
इस बार असम की 126 सीटों पर कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 59 महिलाएं शामिल हैं। गौरतलब है कि इस चुनाव में रिकॉर्ड 85.96 फीसदी मतदान हुआ है, जो पिछले पांच विधानसभा चुनावों में सबसे अधिक है। यह ऐतिहासिक भागीदारी आज के नतीजों को और भी दिलचस्प बना रही है।
कहां और कैसे देखें लाइव रिजल्ट?
अगर आप हर सीट का हाल और सटीक आंकड़े देखना चाहते हैं, तो निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:
- ECI वेबसाइट: चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट results.eci.gov.in पर हर विधानसभा सीट के ताजा आंकड़े उपलब्ध होंगे।
हिमंत बिस्व सरमा की हैट्रिक के संकेत
बुधवार शाम को जारी किए गए एग्जिट पोल्स असम की सत्ता में बीजेपी नीत सरकार की शानदार वापसी का इशारा कर रहे हैं। अधिकांश पोलस्टर्स और एजेंसियों का अनुमान है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी राज्य में लगातार तीसरी बार अपनी सरकार बनाने में सफल रहेगी। यह जीत बीजेपी के लिए असम जैसे महत्वपूर्ण राज्य में उसकी पकड़ को और मजबूत करने वाली साबित हो सकती है।
कांग्रेस और गौरव गोगोई के लिए निराशाजनक अनुमान
एग्जिट पोल के अनुमानों ने कांग्रेस गठबंधन की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। गौरव गोगोई के नेतृत्व में चलाए गए आक्रामक चुनाव प्रचार के बावजूद, पोल्स संकेत दे रहे हैं कि कांग्रेस इस बार भी हाशिए पर ही रहेगी। इन आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस की स्थिति काफी कमजोर बनी हुई है और उसे चुनाव प्रचार से अपेक्षित लाभ मिलता नहीं दिख रहा है।














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