चांदनी चौक के मंदिर में हुई तोड़फोड़ पर असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा
दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में मंदिर में की गई तोड़फोड़ को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर अपना बयान जारी किया है।
नई दिल्ली। दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में पार्किंग विवाद के बाद एक प्राचीन मंदिर में की गई तोड़फोड़ के मामले को लेकर स्थानीय लोग अब आगे आकर इलाके में शांति कायम करने की कोशिश में जुट गए हैं। इलाके के लोगों का कहना है कि वो पहले की तरह अमन और शांति से रहना चाहते हैं। मंगलवार को इस मामले को लेकर पुलिस की मौजूदगी में दोनों समुदायों के बीच एक बैठक हुई और उसमें तय किया गया कि इलाके की अमन कमेटी मंदिर के पुनर्निर्माण का काम करेगी। वहीं, पुलिस-प्रशासन भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। दिल्ली की इस घटना को लेकर एआईएमआईएम के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी ट्विटर के जरिए अपना बयान जारी किया है।

ओवैसी ने किया ये ट्वीट
तेलंगाना की हैदराबाद लोकसभा सीट से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने दिल्ली में मंदिर में तोड़फोड़ की घटना पर ट्वीट करते हुए कहा, 'पूजा करने के किसी भी स्थल या पूजा करने वाले व्यक्ति पर हमला, हमारे प्यारे देश की बहुलता और विविधता पर हमला है। बर्बरता का यह कृत्य बेहद निंदनीय है। मैं मांग करता हूं कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर समयबद्ध तरीके से मुकदमा चलाया जाए और उन्हें दोषी ठहराया जाए।' इससे पहले केंद्रीय मंत्री और चांदनी चौक लोकसभा सीट से सांसद डॉ. हर्षवर्धन ने भी इलाके का दौरा किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

'भारतीय संस्कृति में है कौमी एकता'
वहीं, पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने इस मामले पर ट्वीट करते हुए कहा, 'जो लोग हमारी आस्था की जगह पर हमला करके यह सोच रहे हैं कि हमारी एकता को तोड़ देंगे, वो गलत हैं। भारतीय संस्कृति में कौमी एकता है और हम इसे ऐसी ओछी हरकत से भंग नहीं होने देंगे। हमलावरों को कड़ी सजा मिले और मैं दिल्ली की जनता से शांति बनाने की अपील करता हूं।'

सिसोदिया बोले, कुछ लोग नफरत फैलाना चाहते हैं
इस मामले में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर शांति की अपील करते हुए कहा, 'ये हमारी सांझी विरासत, आपसी प्यार, भाईचारे का इम्तहान है। कुछ लोग हमारे आपसी विश्वास को चोट पहुंचाकर सांप्रदायिक तनाव और नफरत फैलाना चाहते हैं। मेरी सबसे हाथ जोड़कर अपील है कि अफवाहों पर ध्यान ना दें। शांति और आपसी विश्वास बनाए रखें। दिल्ली जीतेगी, नफरत हारेगी। जय हिंद।' दिल्ली सरकार के मंत्री इमरान हुसैन ने भी मंगलवार को ट्वीट करते हुए कहा, 'हौज काजी इलाके में दोनों समुदायों के बीच शांति स्थापित करने के लिए मैंने आज पुलिस के साथ भी बैठक की। इस बैठक में दोनों समुदायों के लोग मौजूद रहे। सबने मिलकर इलाके में आज दुकानें भी खुलवाई हैं। अब इलाके में शांति है।'

मामले में अभी तक दो लोग गिरफ्तार
आपको बता दें कि इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अभी तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है, वहीं एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद मंगलवार को स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने शांति की अपील की। हाथों में बैनर और तख्तियां लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हुए और इलाके में माहौल सामान्य करने की कोशिश की। वहीं इलाके में दोनों समुदायों के लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में हालात सामान्य करने को लेकर बातचीत भी की। इस बातचीत के दौरान मौजूद जमशेद सिद्दीकी ने कहा, 'हम लोगों ने शांति कायम करने को लेकर बातचीत की है और तय किया है कि अमन कमेटी मंदिर में तोड़फोड़ के मामले के बाद पुनर्निर्माण का काम करेगी। हम लोग इलाके में पहले की तरह शांति चाहते हैं। इस घटना की हम कड़ी निंदा करते हैं और हम चाहते हैं कि जिन्होंने भी मंदिर में तोड़फोड़ की, उनको सख्त सजा मिले।'

मामूली सी बात पर यूं बढ़ा विवाद
गौरतलब है कि दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में ये पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ, जब रविवार रात को इलाके का ही एक शख्स अपना स्कूटर एक बिल्डिंग के बाहर पार्क कर रहा था। इसी दौरान एक दूसरे शख्स ने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। पार्किंग को लेकर जिस जगह पर विवाद हुआ, उसके पास एक मंदिर बना हुआ है, जो काफी पुराना है। मंदिर के पुजारी अनिल कुमार पांडे ने बताया कि लोगों की भीड़ रात में करीब 12 बजे आई और उसने यहां तोड़फोड़ की। पुजारी ने बताया कि ये लोग मंदिर में तोड़फोड़ के बाद यहां से चले गए। सोमवार सुबह देखा गया तो पता चला कि मंदिर में भगवान की मूर्तियों को भी तोड़ा गया है। इसके बाद इलाके में तनाव फैल गया और स्थानीय लोगों ने घटना को लेकर अपना रोष जाहिर किया। हालांकि समय रहते पुलिस ने इलाके को घेर लिया और किसी बड़ी अनहोनी को होने से रोक लिया।












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