ओवेसी साहब, देशद्रोही याकूब मेमन को मत लगाओ गले
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) मुंबई सीरियल बम धमाकों के गुनहगार याकूब मेमन को फांसी दिए जाने के मसले पर देश में इन दिनों जमकर खतरनाक खेल चल रहा है। कुछ लोग मेमन को महान बताने की कोशिश में हैं।
इसी खतरनाक खेल में ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुसलमीन (एमआईएम) के नेता तथा हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवेसी भी शामिल हो गए हैं। वे कह रहे हैं कि मेमन को फांसी इसलिए हो रही है क्योंकि वह मुसलमान है। यानी जिस शख्स पर मुंबई धमाकों को कराने का आरोप साबित हो गया हो उसे देश की संसद का एक सदस्य बचाने की कोशिश कर रहा है।
सबने माना दोषी
सोशल मीडिया में मेमन के पक्ष में खूब लिखा जा रहा है। मेमन को निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मुजरिम मान चुकी है। राष्ट्रपति ने उसकी दया याचिका को खारिज कर दिया है। इसके बावजूद मेमन को बचाने की कोशिश हो रही है। वह भी मजहब के नाम पर। ये बेहद खतरनाक खेल है।
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ओवेसी को कोसा
ओवेसी के आरोपों को बिहार से भाजपा के राज्य सभा सदस्य आर.के. सिन्हा ने भी सिरे से खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्वारा मेमन की दया याचिका को खारिज किए जाने के बाद एक सांसद का मेमन के पक्ष में बयानबाजी करना अफसोसजनक है।
अफसोसजनक बात
एच.एस.चंद्रमौली ने कहा कि ये वक्त की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट सामने आए ताकि मेमन कानून का मजाक उड़ाना बंद करे। वे कहते हैं कि ये बेहद अफसोस जनक है। वह बार-बार दया याचिका दायर करके सारे सिस्टम की खिल्ली उड़ा रहा है। हालांकि बाकी लोगों को इस तरह के अधिकार नहीं मिल पाते। पर मेमन को अपने बचाव के लिए तमाम रास्ते दिए जा रहे हैं, ताकि वह फांसी से बच जाए।













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