हैदराबाद: CAA के विरोध में निकाली गई विशाल 'तिरंगा' रैली, असदुद्दीन ओवैसी ने किया नेतृत्व
हैदराबाद। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ तेलंगाना के हैदराबाद में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में तिरंगा रैली निकाली गई। शुक्रवार को हुए विरोध प्रदर्शन करने के लिए विपक्ष ने विशाल तिरंगा रैली का निकाली जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हए। असदुद्दीन ओवैसी और एआईएमआईएम के नेताओं ने हैदराबाद के ऐतिहासिक मीर आलम ईदगाह से तिरंगा रैली की शरुआत की।

गौरतलब है कि सीएए के विरोध में देश के विभिन्न हिस्सों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए जा रहे हैं। शुक्रवार को हैदराबाद में भी एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व सीएए का विरोध तिरंगा रैली निकाल के किया गया। सीएए को रद्द करने की मांग के साथ इस रैली में महिला-पुरुषों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। हजारों की संख्या में लोग हाथ में तिरंगा लिए सीएए का विरोध करते हुए नजर आए। कुछ प्रदर्शनकारी के हाथ में तख्तियां लिए हुए थे। बता दें कि शुक्रवार को ईदगाह की नमाज के बाद तिरंगा रैली की शुरुआत की गई। ईद के अवसर पर साल में केवल दो बार नमाज का साक्षी बनने वाले खुले मैदान में बड़े पैमाने पर लोगों का जमावड़ा देखने को मिला।
भारत को NPR और सीएए की जरूरत नहीं: पूर्व नौकरशाह
संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) की संवैधानिक वैधता पर गंभीर आपत्ति जताते हुए 100 से अधिक पूर्व नौकरशाहों ने गुरुवार को लोगों के नाम एक खुला पत्र लिखा है। इस खुले खत में पूर्व नौकरशाहों ने लिखा कि, एनपीआर और एनआरसी अनावश्यक और व्यर्थ की कवायद है। जिससे बड़े पैमाने पर लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। नौकरशाहों में दिल्ली के पूर्व उप राज्यपाल नजीब जंग, तत्कालीन कैबिनेट सचिव के एम चंद्रशेखर और पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्ला शामिल हैं। खत में लिखा कि, बहुसंख्यक राज्य सरकारें एनपीआर या एनआरआईसी लागू करने को तैयार नहीं हैं जिससे केंद्र और राज्य के संबंधों में एक गतिरोध उत्पन्न हो।
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