सिखों की चेतावनी, अगर कमलनाथ को सौंपी मध्य प्रदेश की कमान तो देशभर में होगा विरोध
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में 114 सीटें जीतकर सरकार बनाने जा रही कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के लिए कमलनाथ का नाम लगभग तय कर लिया है। कांग्रेस पार्टी के आलाकमान में लगातार कई बैठकों के बाद कमलनाथ का नाम लगभग तय कर लिया है, बस औपचारिक ऐलान होना बाकी है। कमलनाथ के सीएम के तौर पर चुने जाने से सिख समुदाय के लोग बेहद नाराज है। कमलनाथ के नाम पर मध्य प्रदेश के बाहर से विरोध शुरू हो गया है।

सिरसा ने कहा कि 1984 में सिख दंगे भड़काने में सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर और कमलनाथ का हाथ था। उन्होंने गांधी परिवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि गांधी परिवार सिख दंगों के आरोपियों को हमेशा बचाने का काम करती आ रही है। अगर कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया जाता है कि कांग्रेस को सिखों को विरोध झेलना होगा।
वहीं सिख विरोधी दंगों को लेकर दिल्ली भाजपा ने भी विरोध व्यक्त किया है। भाजपा के दिल्ली प्रवक्ता तजिंदर सिंह बग्गा ने ट्वीट कर कहा है कि कमलनाथ का मुख्यमंत्री चुने जाना दर्शाती है कांग्रेस सिख विरोधी पार्टी है। उन्होंने एक और ट्वीट कर लिखा कि जब राहुल गांधी ने 1984 के सिख हत्याकांड के जिम्मेदार कमलनाथ को पंजाब विधानसभा चुनाव का इंचार्ज बनाया था तो कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विरोध जताया था। अब अगर राहुल गांधी सिखों के कमलनाथ को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री नियुक्त किया तो कैप्टन अमरिंदर को विरोध जताया जताते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।
वहीं इस मामले में सफाई देते हुए कमलनाथ ने कहा कि मैं ना तो सिख दंगों में शामिल था और ना ही किसी ने मुझ पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ किसी भी तरह के दंगे का कोई आरोप नहीं लगा है।












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