'अर्पिता मुखर्जी की जान को खतरा, बिना चखे ना दिया जाए खाना', PMLA कोर्ट में ED का बयान
नई दिल्ली, 05 अगस्त। पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षा घोटाले में फंसे ममता सरकार के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी एक्ट्रेस अर्पिता मुखर्जी इन दिनों ईडी की कस्टडी में हैं। जांच में दोनों के खिलाफ ईडी को कई सबूत मिले हैं। जिसके आधार पर अब अर्पिता मुखर्जी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय चिंता हो रही है। अर्पिता का सुरक्षा कड़ी करने की बात कही गई है।
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बंगाल की ममता सरकार में मंत्री रहे पार्थ चटर्जी का नाम शिक्षा घोटाले में आने के बाद उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। PMLA कोर्ट में ईडी ने अर्पिता की जान को खतरा बताया है। अदालत में ईडी की बयान के मुताबिक, इस समय अर्पिता सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे में उन्हें जो भी खाना दिया जाए उसे पहले से चख लेना जरूरी है।
जबकि पार्थ चटर्जी के मामले में ईडी ने उनकी जान को लेकर किसी खतरे से इनकार किया। प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट को बताया कि पार्थ चटर्जी की जान को खतरे को लेकर कोई इनपुट नहीं है। लेकिन अर्पिता को जान का खतरा है। बता दें कि ईडी को जांच के दौरान कई अहम सबूत मिले हैं। जिसके बाद अर्पिता और पार्थ की 14 दिन की कस्टडी की मांग ईडी की ओर की जा रही है।
दरअसल, शिक्षा घोटाले से जुड़ा धन अर्पिता मुखर्जी के पास से बरामद हुआ है। मामले में अर्पिता की भूमिका और पार्थ चटर्थी की गोपनीय जानकारी रखने के कारण अर्पिता की जान को खतरे की आशंका व्यक्त की जा रही है। ईडी को अर्पिता के पास से मिली LIC की 31 पॉलिसी में नॉमिनी पार्थ चटर्जी को बनाया गया है। ऐसे में ईडी दावा कर रही है कि पार्थ और अर्पिता एक दूसरे को लंबे समय से जानते थे।












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