अलीबाग जेल में अर्नब गोस्वामी ने इस्तेमाल किया था फोन, दो कर्मचारी हुए सस्पेंड
नई दिल्ली: कुछ दिनों पहले इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक की आत्महत्या के मामले में रिपब्लिक टीवी के एडिटर अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें अलीबाग जेल जोकि एक तरह का कोविड-19 सेंटर भी है, वहां पर रखा गया। इस दौरान अर्नब फोन का इस्तेमाल करते रहे और लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव रहे। मामला सामने आने के बाद जांच अधिकारियों ने जेल प्रशासन को पत्र लिखा था। जिस पर कार्रवाई करते हुए जेल प्रशासन ने दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है।

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दरअसल अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के दौरान उनके घर पर जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद उन्हें अलीबाग जेल लाया गया। इस दौरान अर्नब ने फोन का इस्तेमाल किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने वहां तैनात कर्मचारी सूबेदार आनंद बेरे और सचिन को सस्पेंड कर दिया है। मामले में अभी जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक अभी इस बात का पता नहीं चल पाया है कि कर्मचारियों ने अपना फोन उन्हें दिया था या फिर किसी और का। वहीं मामला सामने आने के बाद रविवार को अर्नब को तलोजा सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया था।
रिपब्लिक ने दी थी सफाई
पुलिस के आरोप को नकारते हुए रिपब्लिक टीवी कंपनी ने कहा कि अर्नब गोस्वामी का सोशल मीडिया अकाउंट नहीं है। साथ ही अर्नब गोस्वामी के निजी मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया था, जब उन्हें बुधवार 4 नवंबर की सुबह वर्ली निवास से गिरफ्तार किया गया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल जब अर्नब ने रिपब्लिक चैनल की शुरूआत की तो इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक ने उनके स्टूडियो को बनाने का काम किया। इसके बाद अर्नब ने अन्वय को भुगतान नहीं किया। बाद में अन्वय ने सुसाइड कर लिया। इस दौरान पुलिस को जो सुसाइड नोट मिला था उसमें अर्नब और दो अन्य का नाम था। हालांकि तब महाराष्ट्र में फणनवीस सरकार थी और इस केस को बंद कर दिया गया। अब उद्धव सरकार ने फिर से इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जिस वजह से अर्नब समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है।












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