कश्मीर: मारे गए आतंकी हो सकते हैं कोरोना संक्रमित, शव दफनाने के लिए जारी हुई नई गाइडलाइन
नई दिल्ली। कोरोना के फैलते संक्रमण को देखते हुए भारतीय सेना ने कश्मीर घाटी में तैनात जवानों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। जिसके तहत जवानों को मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के शव से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। साथ ही आतंकियों के अंतिम संस्कार के वक्त जवानों को कोरोना बचाव किट पहनना पड़ेगा, ताकी उन्हें इंफेक्शन से बचाया जा सके।

कोरोना संक्रमित कर सकते हैं घुसपैठ
खुफिया जानकारी के मुताबिक कुछ कोरोना संक्रमितों के साथ आतंकी एलओसी पार करने की फिराक में हैं, ताकी घाटी में तैनात जवानों को संक्रमित किया जा सके। इनपुट मिलने के बाद भारतीय सेना ने तुरंत अपने जवानों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। जिसके तहत आतंकियों के शव को लेकर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में कोरोना से बचने की किट पहनकर ही जवान आतंकियों के शव को उठाएंगे। साथ ही उन्हें दफनाते वक्त भी पूरी सावधानी बरती जाएगी।

बर्फ पिघलते ही घुसपैठ में आएगी तेजी
कश्मीर घाटी में दिसंबर में भारी बर्फबारी होती है। ऐसे में एलओसी पर घुसपैठ के रास्ते बंद हो जाते हैं। वहीं अप्रैल में जैसे ही बर्फ पिघलना शुरू होती है, वैसे ही आतंकी घुसपैठ की फिराक में लग जाते हैं। आतंकियों को कवर फायर देने के लिए पाकिस्तान सेना सीजफायर उल्लंघन करती है। ऐसे में जवानों को जम्मू-कश्मीर में हाईअलर्ट पर रखा गया है। बीते दिनों कुपवाड़ा सेक्टर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करार जवाब देते हुए आतंकियों के लॉन्चिंग पैड को तबाह किया था।

स्पेशल ट्रेन से पहुंचाए जाएंगे जवान
लॉकडाउन के दौरान सीमा तक जवानों को पहुंचाने के लिए सेना ने रेलवे के साथ दो ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है। इसमें पहली ट्रेन 17 अप्रैल को बेंगलुरु से चलेगी, जो अंबाला होते हुए जम्मू पहुंचेगी, जबकि दूसरी ट्रेन 18 अप्रैल को बेंगलुरु से गुवाहाटी के लिए जाएगी। वहीं आने वाले कुछ हफ्तों में और स्पेशल ट्रेनें चलाए जाने का विचार किया जा रहा है। कोरोना के प्रकोप के चलते भारतीय सेना ने साफ कर दिया है कि जो सैनिक क्वारंटाइन पीरियड पूरा कर चुके हैं और पूरी तरीके से फिट हैं, उन्हें ही ट्रेन से भेजा जाएगा।












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