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आर्मी चीफ का दावा- पंजाब और असम में उग्रवाद को फिर से जीवित करने की चल रहा है साजिश

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नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने दावा किया है कि, पंजाब में 'उग्रवाद को पुनर्जीवित करने' के लिए 'बाहरी संबंधों' के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं और यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं की गई तो आगे आने वाले समय में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। जनरल रावत ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा भी देश की एक बड़ी समस्या है। बता दें कि, जनरल रावत ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा भी देश की एक बड़ी समस्या है।

बाहरी संबंधों के कारण राज्य में उग्रवाद को फिर से पैदा करने के प्रयास किये जा रहे है

बाहरी संबंधों के कारण राज्य में उग्रवाद को फिर से पैदा करने के प्रयास किये जा रहे है

भारत में आंतरिक सुरक्षा की बदलती रूपरेखा: रुझान और प्रतिक्रियाएं विषय पर आयोजित एक सेमिनार में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, रक्षा विशेषज्ञों, सरकार के पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को संबोधित करते हुए कहा कि, असम में विद्रोह को पुनर्जीवित करने के लिए 'बाहरी संबंधों' और 'बाहरी उकसाव' के माध्यम से फिर से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब शांतिपूर्ण रहा है लेकिन इन बाहरी संबंधों के कारण राज्य में उग्रवाद को फिर से पैदा करने के प्रयास किये जा रहे है। हमें बहुत सावधान रहना होगा।

पंजाब में जो कुछ हो रहा है, उसको लेकर हम अपनी आंखें बंद नहीं कर सकते हैं

पंजाब में जो कुछ हो रहा है, उसको लेकर हम अपनी आंखें बंद नहीं कर सकते हैं

बिपिन रावत ने कहा, 'हमें ऐसा नहीं सोचना है कि सीमावर्ती राज्य के हालात ठीक हैं। पंजाब में जो कुछ हो रहा है, उसको लेकर हम अपनी आंखें बंद नहीं कर सकते हैं और अगर हम जल्द कोई ऐक्शन नहीं लेते हैं तो काफी देर हो जाएगी।' आपको बता दें कि खालिस्तान समर्थक मूवमेंट के दौरान 1980 के दशक में पंजाब ने उग्रवाद का बुरा दौर देखा है, जिस पर आखिरकार सरकार ने काबू पा लिया था। आंतरिक सुरक्षा देश की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है, लेकिन सवाल यह है कि हम इसका समाधान क्यों नहीं निकाल पा रहे हैं, क्योंकि इसके बाहरी लिंकेज हैं।

यूके में हाल में निकाली गई खालिस्तान समर्थित रैली का जिक्र

यूके में हाल में निकाली गई खालिस्तान समर्थित रैली का जिक्र

इस कार्यक्रम में यूपी के पूर्व DGP प्रकाश सिंह ने भी पंजाब के मामले पर बात करते हुए है कि, पंजाब के हालातों को समझना होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में उग्रवाद को फिर से जिंदा करने के प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने यूके में हाल में निकाली गई खालिस्तान समर्थित रैली का जिक्र किया, जिसमें 'जनमत संग्रह 2020' की मांग की गई थी। 12 अगस्त को लंदन में सैकड़ों लोग इस खालिस्तान समर्थित रैली में शामिल हुए थे।

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English summary
Army ,bipin rawat ,External , Insurgency , Assam, Punjab, सेना, उग्रवाद, बिपिन रावत, असम, पंजाब
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