फिट रहने के लिए मीठे के नाम पर कहीं आप भी तो ये स्वीट जहर नहीं खा रहे? रिसर्च में हुआ खुलासा
नई दिल्ली, 29 मार्च। डॉक्टर इन दिनों व्हाइट शुगर लेने से मना कर रहे हैं लेकिन इसकी जगह फिटनेस केलिए जो हम कृतिम शुगर (artificial sweeteners) का प्रयोग कर रहे हैं वो हमारे लिए जहर है।

कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की ओर ढकेल रही
हाल ही में हुए शोध में इस बात का खुलासा हो चुका है कि ये कृत्रिम सुगर आपको कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की ओर ढकेल रही है। चीनी की जगह प्रयोग की जा रही ये कृतिम शुगर हेल्थ के लिए बहुत हानिकारक है। अंदर ही अंदर ये हमारे शरीर को खोखला बना रही है। ये कई गंभीर बीमारियों को जन्म देती है।

जानें किन चीजों में होता है ये अर्टीफिशियल शुगर
शुगर फ्री, डाइट या लो कैलरी फूड्स भी इसमें शामिल है। सॉफ्ट ड्रिंक्स, च्यूइंगम, जेलीज, बेकरी आइटम्स, कैंडी, फू्रट जूस, आइसक्रीम, दही, सोडा, सलाद ड्रेसिंग के अलावा सबसे अधिक प्रचलित डाइट सोडा ड्रिंक्स भी ये कृतिम शुगर रहती है।

रिसर्च में हुआ ये खुलासा
इस सबके सेवन से आपको कैंसर का खतरा बढ़ सकता है, एक अध्ययन में चेतावनी दी गई है। भोजन या पेय पदार्थों में कृत्रिम मिठास मिठास बनाए रखते हुए अतिरिक्त चीनी सामग्री और संबंधित कैलोरी को कम करती है।लेकिन पीएलओएस मेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि जो लोग बड़ी मात्रा में कृत्रिम मिठास, विशेष रूप से एस्पार्टेम और एसेसल्फ़ेम-के का सेवन करते हैं, उनमें कैंसर का खतरा अधिक होता है। स्तन कैंसर और मोटापे से संबंधित के लिए उच्च जोखिम देखा गया

कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है ये
फ्रांस में इंसर्म और सोरबोन पेरिस नॉर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 102,865 फ्रांसीसी वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया। शोधकर्ताओं ने 24 घंटे के फूड रिकॉर्ड से कृत्रिम स्वीटनर के सेवन से संबंधित डेटा एकत्र किया। फॉलो-अप के दौरान कैंसर निदान जानकारी एकत्र करने के बाद, शोधकर्ताओं ने कृत्रिम स्वीटनर सेवन और कैंसर के जोखिम के बीच संबंधों की जांच के लिए सांख्यिकीय विश्लेषण किए।परिणाम बताते हैं कि दुनिया भर में कई खाद्य और पेय ब्रांडों में उपयोग किए जाने वाले कृत्रिम मिठास कैंसर के लिए कारक बन सकते हैं।
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