'हमें कुछ होता है, तो प्लीज हमारे परिवार का रखें ख्याल', यूक्रेन में फंसे छात्रों की Video में भावुक अपील
कीव, 02 मार्च। यूक्रेन पर रूस की हिंसक कार्रवाई अभी भी जारी है। दो देशों के बीच छिड़ी इस जंग में अब तक कई मासूम लोगों की जान जा चुकी है तो वहीं लाखों की संख्या में लोग यूक्रेन छोड़ पड़ोसी देशों में शरण ले रहे हैं। इस बीच भारत सरकार भी यूक्रेन में फंसे अपने लोगों को निकालने की पूरी कोशिश कर रही है। बुधवार को केंद्र सरकार ने नई एडवाइजरी जारी करते हुए भारतीय लोगों को तुरंत खारकीव छोड़ने की अपील की है। इस बीच यूक्रेन से सामने आई कुछ तस्वीरों और वीडियो में रेलवे स्टेशन पर फंसे छात्रों की निराशाजनक स्थिति की झलक देखने को मिल रही है।

ट्रेन में चढ़ने नहीं दे रहे यूक्रेनी गार्ड
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय छात्र प्रगुन ने कहा, अभी हमारे सिर के ऊपर गोलाबारी हो रही है, बहुत खराब स्थिति है। पास में कोई बंकर नहीं है, यहां खुले आसमान के नीचे हमें रहना पड़ रहा है। हमारे सामने एक ट्रेन थी लेकिन वे (यूक्रेनी गार्ड) हमें अनुमति नहीं दे रहे हैं। यूक्रेन के लोगों के लिए एक या दो गेट खोले गए, बस उन्हीं को जाने दिया जा रहा है। यहां हमें रोकने के लिए लिए बंदूकें, गोलियां हैं, लेकिन ट्रेन नहीं है।

रेलवे स्टेशन पर फंसे 1000 से अधिक भारतीय
प्रगुन ने आगे कहा, 'हमने यहां पहुंचने के लिए बहुत जोखिम उठाया और 1000 से अधिक भारतीय रेलवे स्टेशन में फंस गए हैं। हम ट्रेनों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वे (यूक्रेनी गार्ड) फायरिंग कर रहे हैं, हमें लात मार रहे हैं। वो हमें ट्रेनों में प्रवेश नहीं करने दे रहे हैं। मैंने खुद यहां गोलियों की आवाजें सुनीं। मैं भारत सरकार से कहना चाहता हूं, अगर हमें यहां कुछ होता है, तो कृपया हमारे परिवार का ख्याल रखें।'
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छात्र ने वीडियो भेजकर बयां की तकलीफ
एक अन्य छात्र ने वीडियो भेजकर बताया कि वो लोग तीन घंटे से स्टेशन पर इंतजार कर रहे हैं लेकिन ट्रेनों में नहीं जाने दिया जा रहा है। छात्र द्वारा भेजी गई वीडियो क्लिप में ट्रेन के सामने स्टेशन पर जमा छात्रों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। भारतीय स्टूडेंट ने कहा, 'एक ट्रेन आई और चली गई। हमें उतरने के लिए कहा गया। मुझे पता नहीं क्यों? ठंड और बर्फबारी हो रही है। हमें नहीं पता कि हमें अगली ट्रेन में भी अनुमति दी जाएगी या नहीं। यहां बहुत सारे छात्र हैं, यहां हमारे साथ भी लड़कियां हैं।'

'लड़कियों को पीटा जा रहा है'
तीसरे छात्र, हिमांशु राज मौर्य ने बताया कि फंसे हुए भारतीय छात्रों की संख्या 7-800 है और स्थानीय यूक्रेनियन नागरिक भी उन्हें ट्रेनों में चढ़ने से रोक रहे हैं। छात्र ने कहा, 'यूक्रेनी हमें ट्रेनों में चढ़ने नहीं दे रहे हैं। वे बंदूकें चला रहे हैं, वे हमें धमका रहे हैं और डरा रहे हैं। लड़कियों को पीटा जा रहा है। हम नहीं जानते कि हम उन तीन स्थानों पर कैसे पहुंचेंगे जहां सरकार ने हमें पहुंचने के लिए कहा है। यहां बहुत खतरा है, हमें ये भी नहीं पता कि वो तीन जगहें कौन सी हैं जहां हमें जाने के लिए एडवाइजरी में कहा गया है।'
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