हाईकोर्ट ने EC से पूछा, AAP की याचिका में गवाहों से पूछताछ की अनुमति क्यों नहीं दी?
नई दिल्ली। लाभ का पद मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक एक बार फिर हाई कोर्ट के शरण में पहुंचे हैं। जिसके बाद कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि आम आदमी पार्टी के 20 विधायक अपने केस से जुड़े जिन गवाहों का क्रॉस एग्जामिनेशन करना चाहते हैं उसकी इजाजत चुनाव आयोग क्यों नहीं दे रहा है? कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन आयोग इस सवाल जवाब अदालत में पेश करें।

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि आपने विधायकों की क्रॉस एग्जामिनेशन के लिए दाखिल की गई याचिका को किस आधार पर खारिज कर दिया। हाई कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से कहा है कि वो अदालत के अगली सुनवाई तक कोई सुनवाई न करे। वहीं कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनावई के लिए 1 नवंबर की तारीख तय की है। बता दें कि आम आदमी पार्टी के विधायक कैलाश गहलोत ने कोर्ट में यह याचिका लगाई है। जिसमें उन्होंने गवाह के तौर पर सरकारी कर्मचारियों को समन करने के लिए विधायकों का अनुरोध ठुकराने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी है।
लाभ के पद मामले में चुनाव आयोग इस साल 19 जनवरी को आप के 20 विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने की सिफारिश की थी। इन विधायकों पर लाभ का पद संभालने का आरोप लगा था। क्योंकि उन्हें मार्च 2015 में दिल्ली सरकार के मंत्रियों का संसदीय ससंदीय सचिव नियुक्त किया गया था। इसके बाद हाई कोर्ट ने 23 मार्च को अयोग्य करार दिया गए 20 विधायकों की सदस्यता बहाल करते हुए मामले को फिर से चुनाव आयोग को भेज दिया था।
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