AP Elections 2024: टीडीपी और जेएसपी के बीच सीट बंटवारे पर फंसेगा पेंच, जानिए कैसे
आंध्र प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर टीडीपी और जन सेना पार्टी के बीच सीट बंटवारे पर फिलहाल अंतिम रूप से सहमति नहीं बन पाई है। इस बीच दोनों दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं। विजयवाड़ा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र को लेकर टीडीपी और जेएसपी के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है। सूत्रों के मुताबिक दावा किया जा रहा है कि एमएलसी बुद्ध वेंकन्ना टिकट की मांग को लेकर पार्टी नेतृत्व पर दबाव बना रहे हैं। ऐसे में जेएसपी के लिए संकट की स्थिति हो सकती है।
विजयवाड़ा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से एक बार फिर से जेएसपी नेता पोथिना महेश चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। हालांकि इससे पहले भी वे इसी सीट ने चुनाव लड़े थे, लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाए। पोथिना इसलिए भी इस सीट से दावा कर सकते हैं क्योंकि उन्होंने विजयवाड़ा पश्चिम क्षेत्र में काफी काम किया है। ऐसे में रिपोर्ट्स के मुताबिक वे जेएसपी पर इस सीट से टिकट का दबाव बना रहे हैं।

वहीं विजयवाड़ा पश्चिम विधानसा क्षेत्र में केसिनेनी श्रीनिवास (नानी) के वाईएसआरसी में शामिल होने के बाद इस सीट के लिए लड़ाई गठबंधन सहयोगियों टीडीपी और जेएसपी के बीच होती दिख रही है। दावा किया जा रहा है कि भले ही टीडीपी और जेएसपी दोनों के कार्यकर्ता दोनों पार्टियों द्वारा आयोजित राजनीतिक रैलियों में घुलते-मिलते नजर आ रहे हैं, लेकिन सीटों का बंटवारा इतना आसान नहीं दिख रहा है।
हालांकि दोनों दलों के नेता इस बात पर कायम हैं कि वे सीट बंटवारे पर सैद्धांतिक सहमति पर पहुंच गए हैं, लेकिन राज्य के विभिन्न हिस्सों में, विशेष रूप से जुड़वां गोदावरी जिलों में दोनों दलों में टिकट के दावेदारों को शांत करना एक कठिन काम लगता है।
सूत्रों के मुताबिक, टीडीपी सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू और जेएसपी प्रमुख पवन कल्याण के बीच कई दौर की बातचीत मुख्य रूप से सीट बंटवारे और संयुक्त घोषणापत्र पर केंद्रित रही है। टीडीपी के एक वरिष्ठ नेता ने टीएनआईई को बताया कि जब लोकसभा सीटों की बात आती है यहां कुछ भी हो सकता है।
वहीं टीडीपी के प्रदेश अध्यक्ष के अत्चन्नायडू ने बुधवार (24 जनवरी) को सीएम वाईएस जगन पर आगामी विधानसभा चुनावों के लिए टीडीपी और जेएसपी के बीच सीट बंटवारे को लेकर गलत प्रचार फैलाने का आरोप लगाया। अत्चन्नायडू ने कहा कि उनके नाम से एक फर्जी प्रेस विज्ञप्ति प्रसारित की जा रहा है। जिसमें दावा किया गया है कि टीडीपी नेतृत्व जेएसपी को 63 विधानसभा सीटें आवंटित करने पर सहमत हो गया है, जबकि यह पूरी तरह से गलत है।












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