आर्यन खान केस में विवाद से सबक लेगी एनसीबी, कामकाज के तरीके में करेगी ये बड़े बदलाव
नई दिल्ली, 13 फरवरी: एंटी ड्रग्स एजेंसी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) अपने कामकाज के तरीके में बदलाव करने जा रही है। बीते साल अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ्तारी के मामले में एजेंसी की छवि को हुए नुकसान को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि एनसीबी एक नई पॉलिसी ला सकती है, जिसमें कम मात्रा में नशीले पदार्थ मिलने के मामले में वो शामिल नहीं होगी। एनसीबी कम मात्रा में मिले ड्रग्स के मामलों की जांच स्थानीय पुलिस को देगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीबी ने केवल बड़े मामलों पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है। एजेंसी केवल बड़े सिंडिकेट, अंडरवर्ल्ड नार्को टेरेरिज्म और अत्यधिक संवेदनशील दवाओं से जुड़े मामलों की जांच करेगी। इसके लिए एजेंसी अपने कर्मचारियों की संख्या भी 1,100 से बढ़ाकर 3,000 करेगी। वहीं कम मात्रा में ड्रग्स बरामद होता है तो इसकी जांच स्थानीय पुलिस को सौंपी जाएगी।
आर्यन केस में हुई थी एनसीबी की फजीहत
एनसीबी ने बीते साल अक्टूबर में शाहरुख के बेटे आर्यन खान और कुछ अन्य को एक क्रूज पार्टी से गिरफ्तार किया था। आर्यन करीब एक महीना इस मामले में जेल में रहे थे। इस मामले में आरोपियों पर काफी कम मात्रा में ड्रग्स मिला था और उनके किसी सिंडिकेट से जुड़े होने के सबूत भी नहीं मिले थे। इस मामले में जहां एक और एनसीबी अफसर समीर वानखेडे पर उगाही के आरोप लगे थे। वहीं ये भी कहा गया था कि क्या एनसीबी अब गली में नशा कर रहे लोगों को पकड़ने का काम करेगी। उसका काम किसी को नशे से जुड़े बड़े सिंडिकेट को पकड़ना है। कहा जा रहा है कि इस मामले में हुई आलोचना के बाद एनसीबी ने अब फैसला लिया है कि छोटे मामलों को पुलिस पर छोड़ा जाएगा और वो बड़े ड्रग्स सिंडिकेट को देखेगी।












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