लाल किले पर PM मोदी की सुरक्षा के लिए तैनात था एंटी लेजर सिस्टम, जानें इस स्वदेशी हथियार की खासियत
नई दिल्ली, 15 अगस्त: देश आज अपना 76वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर पर देश का तिरंगा फहराया और आजादी की वर्षगांठ पर देश को संबोधित किया। एक तरफ जहां पूरे दुनिया की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर नजर थी तो दूसरी तरफ जब पीएम मोदी राष्ट्र को संबोधित कर रहे थे तो वे अत्याधुनिक सिक्योरिटी सिस्टम से घिरे हुए थे। सुरक्षा के मद्देनजर लाल किले के पास स्वदेशी एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किया गया था। यह सिस्टम पलक झपकते ही ड्रोन हमले को नष्ट करने में सक्षम है। जानिए भारत में बने एंटी-ड्रोन सिस्टम की क्षमता को...

DRDO ने विकसित किया एंटी-ड्रोन सिस्टम
भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन (DRDO) द्वारा विकसित एंटी-ड्रोन सिस्टम (anti-drone system) स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के पास तैनात किया गया। यह एंटी-ड्रोन सिस्टम 3 किलोमीटर तक के माइक्रो ड्रोन का पता लगा सकता है और जाम कर सकता है। वहीं अपने लेजर हथियार से टारगेट को 1 से 2.5 किलोमीटर तक नष्ट कर हवा में उड़ने वाले ड्रोन को नीचे जमीन पर ला देता है। इसे काउंटर-ड्रोन सिस्टम भी कहा जाता है।

दो तरीके से काम करता है सिस्टम
दरअसल, यह तकनीक दो तरीके से काम करती है। पहला सॉफ्ट किल, जिसका मतलब है कि किसी भी ड्रोन के कम्युनिकेशन के लिंक को तोड़ देना, जिसका अर्थ है कि जिस पर कम्प्यूटर या रिपोर्ट से उसे चलाया जा रहा है, उससे उसका कॉन्टैक्ट खत्म कर देता है, जिससे ड्रोन अपनी दिशा से भटककर हवा में उड़ना बंद कर देता है और फिर जमीन पर गिर जाता है।

लेजर हथियार से अटैक कर ड्रोन का खात्मा
वहीं इसका दूसरा सबसे घातक तरीका है जिसे हार्ड किल कहा जाता है, वो संदिग्ध ड्रोन के एंट्री ड्रोन सिस्टम की रेंज में आते ही उस पर दमदार लेजर हथियार से अटैक करता है। लेजर हमले से ड्रोन का इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पूरा तरह से जल जाता है और यह बिना किसी धमाके के ही ड्रोन को खत्म करके गिरा देता है। इसकी रेंज चार किलोमीटर तक होती है।

किसी भी आकार के ड्रोन का पता लगाने में सक्षम
DRDO अधिकारी ने बताया कि DRDO द्वारा विकसित काउंटर-ड्रोन सिस्टम को छोटे ड्रोन से किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में लाल किला क्षेत्र के पास तैनात किया गया है। सिस्टम लगभग 4 किमी के दायरे में किसी भी आकार के ड्रोन का पता लगा सकता है और उन्हें निष्क्रिय कर सकता है।
#WATCH | The counter-drone system developed by DRDO has been deployed near the Red Fort area in the national capital to tackle any potential threat from small drones. The system can detect and deactivate drones of any size within a radius of around 4 km: DRDO officials pic.twitter.com/G9UUD6i9YU
— ANI (@ANI) August 14, 2022
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