तमिलनाडु के BJP अध्यक्ष अन्नामलाई की खुद को कोड़े मारने की प्रतिज्ञा, कहा-'जब तक जूते चप्पल नहीं पहनूंगा...'
Tamil Nadu: चेन्नई अन्ना विश्वविद्यालय परिसर में एक 19 वर्षीय छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे तमिलनाडु को झकझोर दिया है। इस घटना के बाद भाजपा ने राज्य की डीएमके सरकार पर कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेताओं जिसमें पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन और उपाध्यक्ष कारू नागराजन शामिल हैं। उनको पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
तमिलनाडु भाजपा प्रमुख की अनोखी विरोध शैली
तमिलनाडु भाजपा प्रमुख के अन्नामलाई ने इस घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी को नाटकीय अंदाज में व्यक्त किया। उन्होंने डीएमके सरकार के सत्ता में रहने तक जूते न पहनने की घोषणा की। अपनी इस भावना को दर्शाने के लिए अन्नामलाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सार्वजनिक रूप से जूते उतार दिए और नंगे पैर रहने का संकल्प लिया।

अन्नामलाई ने कहा कि जब तक डीएमके सरकार सत्ता से बाहर नहीं हो जाती, मैं जूते नहीं पहनूंगा। उन्होंने आगे कहा कि वे भगवान मुरुगन के छह पवित्र मंदिरों की तीर्थयात्रा करेंगे और 48 दिनों का उपवास रखकर बुराइयों को मिटाने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने अपने आवास के बाहर खुद को कोड़े मारने जैसी प्रायश्चित की योजना का भी ऐलान किया।
एफआईआर लीक और पुलिस की लापरवाही पर सवाल
अन्नामलाई ने पुलिस पर बलात्कार मामले की जांच में लापरवाही और आरोपी को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 19 वर्षीय पीड़िता की पहचान उजागर करने के लिए एफआईआर का लीक होना न केवल अनैतिक है। बल्कि यह पुलिस की कार्यक्षमता पर भी गंभीर सवाल उठाता है।
उन्होंने 37 वर्षीय आरोपी ज्ञानशेखरन को डीएमके से जोड़ने वाले सबूत भी पेश किए। जिसमें तस्वीरें और दस्तावेज शामिल थे। अन्नामलाई ने डीएमके नेताओं और अपराधियों के बीच कथित संबंधों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह मामला केवल अपराध का नहीं। बल्कि राजनीति और कानून के दुरुपयोग का भी है।
घटना ने राज्य को झकझोरा
घटना उस समय हुई जब पीड़िता और उसका पुरुष मित्र अन्ना विश्वविद्यालय परिसर के सुनसान इलाके में चर्च की ओर जा रहे थे। आरोपियों ने पुरुष मित्र पर हमला किया और महिला के साथ बलात्कार किया। पुलिस ने 37 वर्षीय ज्ञानशेखरन को गिरफ्तार किया है। जो सड़क किनारे बिरयानी बेचने का काम करता था।
राजनीतिक माहौल गरमाया
इस घटना ने तमिलनाडु की राजनीति को उबाल पर ला दिया है। भाजपा ने इसे डीएमके सरकार की नाकामी बताते हुए सत्तारूढ़ दल पर तीखे प्रहार किए हैं। तमिलनाडु भाजपा ने इस घटना को महिला सुरक्षा की विफलता और राज्य में बढ़ते अपराधों का परिणाम बताया है।
न्याय की मांग और राजनीतिक महत्वाकांक्षा का मेल
यह घटना न केवल राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान है। बल्कि इसमें भाजपा और डीएमके के बीच बढ़ती राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता भी नजर आ रही है। जहां एक ओर राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर भाजपा इस घटना को अपने राजनीतिक एजेंडे के रूप में पेश कर रही है। तमिलनाडु में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए जनता की निगाहें अब प्रशासन और न्याय प्रणाली पर टिकी हुई हैं।












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