किसानों के समर्थन में आए अन्ना हजारे, भारत बंद के दौरान रखेंगे मौन व्रत
नई दिल्ली। केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में अब समाजसेवी अन्ना हजारे भी उतर आए हैं। अन्ना हजारे कल भारत बंद के दौरान किसानों के समर्थन में मौन व्रत रखेंगे। अन्ना हजारे ने साल 2011 और 2012 के दरम्यान भ्रष्टाचार के खिलाफ इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन की अगुवाई की थी, जिसके चलते तत्कालीन यूपीए सरकार को चुनावों में हार की सामना करना पड़ा था।

समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार झूठी है। किसानों के मुद्दों पर खुद प्रधानमंत्री और दो-दो कृषि मंत्रियों द्वारा किए गए वादे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं। अन्ना हजारे ने कहा कि, देश भर के किसानों को सड़कों पर उतरना चाहिए और सरकार की नाक पकड़नी चाहिए। अगर यह समस्या हल नहीं होती है, तो हम आंदोलन के लिए मैदान पर लौटेंगे। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए कल 'भारत बंद' बुलाया गया है।
इसी क्रम में अन्ना हजारे ने एक बार फिर से किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। अन्ना हजारे ने कहा, कृषि और किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए, उनकी फसलों को एमएसपी देने की आवश्यकता है। इसके लिए केंद्रीय कृषि मूल्य आयोग को स्वायत्त दर्जा दिया जाना चाहिए। हमने पूर्व में इस मांग के लिए आंदोलन किया था। 2018 में दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तत्कालीन कृषि मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत और महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस पर विश्वास करते हुए आंदोलन वापस ले लिया था।
उन्होंने कहा कि, हमें प्रधान मंत्री कार्यालय द्वारा लिखित आश्वासन दिया गया था। इतना समय बीत जाने के बाद अभी तक मेरी मांगों पर कुछ नहीं हुआ है। हमारी मुख्य मांग केंद्रीय कृषि मूल्यों आयोग को स्वायत्तता करना और स्वामीनाथ आयोग की सिफारिशों को लागू करना है। हालांकि, इसे आज तक नजरअंदाज किया गया है। अब हम एक बार फिर से सरकार के खिलाफ उतरेंगे।












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