Ankita Kanti ने हिंदी मीडियम से निकाला UPSC, सिक्योरिटी गार्ड की Topper बेटी की सक्सेस स्टोरी
Ankita Kanti UPSC Hindi Medium Topper: यूपीएससी सीएसई 2024 में हिंदी माध्यम के 40 उम्मीदवार सफल रहे हैं। इस बार हिंदी मीडियम से टॉपर अंकिता कांति रही हैं, जिन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 137वीं रैंक हासिल की है। अंकिता कांति की सक्सेस स्टोरी उन युवाओं के लिए प्रेरणादायी है, जो परिवार की कमजोर आर्थिक को तरक्की की राह में रोड़ा मानते हैं।
दरअसल, देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा न केवल प्रतिभा की कसौटी है, बल्कि यह भाषा के माध्यम पर भी एक बहस की ज़मीन बन चुकी है। हर साल लाखों अभ्यर्थी इसमें शामिल होते हैं, लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या अंग्रेज़ी माध्यम वाले अभ्यर्थियों को हिंदी माध्यम के मुकाबले ज़्यादा बढ़त मिलती है?

मीडिया से बातचीत में फेमस शिक्षक व दृष्टि आईएएस के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ति ने बताया कि साल 2025 में हिदी माध्यम से 40 अभ्यर्थियों ने बाजी मारी है, जो पिछले बार से दो कम है जबकि साल 2022 में 54 सफल उम्मीदवार हिंदी माध्यम से थे।
हिंदी माध्यम से टॉपर अंकिता कांति के बाद रवि राज
22 अप्रैल 2025 को जारी यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 1 से 136 रैंक तक के सफल उम्मीदवार अंग्रेजी माध्यम से हैं जबकि 137वीं रैंक हासिल करने वालीं अंकिता कांति हिंदी माध्यम से है। अंकिता कांति के अलावा 182वीं रैंक पर रवि राज दूसरे टॉपर हैं। अंकिता कांति ने साक्षात्कार भी हिंदी में ही दिया है। एक मॉक इंटरव्यू में अंकिता ने बताया कि यूपीएससी की तैयारी उसने नोएडा में रहकर की है। भारतीय विदेश सेवा में जाना उसकी प्राथमिकता है।
सिविल सेवा परीक्षा 2024 में हिंदी माध्यम के सफल 40 में से 6 उम्मीदवार ऐसे हैं, जो पिछली परीक्षाओं में भी सफल हुए थे। वर्तमान में ये विभिन्न सेवा कैडर का प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान ही यूपीएससी 2024 की तैयारी की थी। इन उम्मीदवारों ने रैंक सुधार के लिए साल 2024 में भी परीक्षा दी थी। खास बात है कि अधिकांश अभ्यर्थी अनुसूचित जनजाति व ग्रामीण पृष्ठभूमि से हैं।
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अंकिता कांति देहरादून की रहने वालीं
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 137वीं हासिल करके हिंदी माध्यम की टॉपर अंकिता कांति उत्तराखंड के देहरादून के हरभजवाला में रहती हैं। ये मूलरूप से चमोली जनपद में नारायणिबगड़ ब्लॉक के छोटे से गांव चिरखून की रहने वाली हैं।
अंकिता कांति ने 12वीं कक्षा में किया था टॉप
अंकिता कांति ने तुंतोवाला के दून मार्डन स्कूल से दसवीं की पढ़ाई की। साल 2018 में संजय पब्लिक स्कूल कारबारी से 12वीं कक्षा 96.4 प्रतिशत अंक के टॉप किया था। पूरे उत्तराखंड में चौथा स्थान हासिल किया था। अंकिता कांति ने डीबीएस कालेज से BSC और डीएवी कॉलेज से भौतिक विज्ञान में MSC की डिग्री हासिल की।
अंकिता के पिता सिक्योरिटी गार्ड
बता दें कि यूपीएससी में हिंदी माध्यम टॉपर अंकिता कांति के पिता देवेश्वर कांति बैंकों में कैश ले जाने वाली कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड हैं। मां ऊषा कांति हाउसवाइफ हैं। छोटी बहन अंजलि का भी बैंक परीक्षा में चयन हो रखा है। सबसे छोटी बहन अनुष्का कांति प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है।
हर साल मिथक तोड़ रहे हिंदी माध्यम वाले अभ्यर्थी
जहां एक ओर अंग्रेज़ी माध्यम को शहरी पहुंच और संसाधनों की प्रचुरता के कारण सहज माना जाता है, वहीं हिंदी माध्यम से आने वाले छात्रों को कई बार पारदर्शिता, गाइडेंस और कंटेंट क्वालिटी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद, हर साल हिंदी माध्यम से कई छात्र इस मिथक को तोड़ते हुए टॉप रैंक तक पहुंचते हैं।
यह संघर्ष सिर्फ परीक्षा पास करने का नहीं, बल्कि भाषा के आधार पर बनती असमानताओं को चुनौती देने का भी है। UPSC का दावा है कि वह भाषा के आधार पर भेदभाव नहीं करता, लेकिन आंकड़े, अनुभव और जमीनी हकीकत कुछ और कहानी बयां करते हैं।
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