Anil Ambani Net Worth: कभी मुकेश से भी थे अमीर, रईसों में थी गिनती, अब कितनी रह गई अनिल अंबानी की दौलत?
Anil Ambani Net Worth 2025: कभी दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति रहे अनिल अंबानी अब मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन और एमडी अनिल अंबानी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 17,000 करोड़ रुपये के लोन घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है। उन्हें 5 अगस्त को दिल्ली स्थित ED मुख्यालय में पेश होने को कहा गया है। अनिल अंबानी के खिलाफ ED ने लुकआउट सर्कुलर नोटिस भी जारी कर दिया है।
इससे पहले 24 जुलाई 2025 को ED ने यस बैंक लोन धोखाधड़ी मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत मुंबई में अनिल अंबानी से जुड़ी कई संपत्तियों पर छापेमारी की। यह मामला लगभग 3,000 करोड़ रुपये के लोन के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। इससे पहले की रिपोर्टों में यह पुष्टि हो चुकी है कि SBI ने अनिल अंबानी को 'फ्रॉड' खाता धारक घोषित किया था, जिसके बाद मामले की जांच और गहराई से की जा रही है। इन सबके बीच अनिल अंबानी अपनी संपत्ति को लेकर फिर से सुर्खियों में हैं। आइए जानें अनिल अंबानी अब कितनी संपत्ति के हैं मालिक?

🔴 कैसे बना था अनिल अंबानी का साम्राज्य?
अनिल अंबानी, धीरूभाई अंबानी के छोटे बेटे हैं। 2006 में रिलायंस ग्रुप के बंटवारे के बाद उन्होंने टेलीकॉम (Reliance Communications), पावर (Reliance Power), फाइनेंस (Reliance Capital) और इंफ्रास्ट्रक्चर (Reliance Infrastructure) जैसे क्षेत्रों में अपना बिजनेस खड़ा किया।
2008 में उनकी संपत्ति करीब 42 बिलियन डॉलर (करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गई थी। उस समय वो मुकेश अंबानी से भी ज्यादा अमीर थे और दुनिया के छठे सबसे अमीर शख्स माने जाते थे।
🔴 अनिल अंबानी के बिजनेस साम्राज्य का उदय और पतन
अनिल अंबानी के समूह ने 2000 के दशक में तेजी से कामयाबी हासिल की। उनकी कंपनी रिलायंस पावर ने 2008 में भारत का सबसे बड़ा आईपीओ लॉन्च किया था। इसके अलावा, उन्होंने मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ साझेदारी भी की।
लेकिन जल्द ही मुश्किलें सामने आने लगीं। तेज प्रतिस्पर्धा और बढ़ते कर्ज ने उनके बिजनेस को गहरा झटका दिया। रिलायंस कम्युनिकेशंस जियो की एंट्री के बाद प्राइस वॉर में टिक नहीं पाया और 2019 में दिवालिया हो गया। समूह की कई अन्य कंपनियों को अपने मुख्य एसेट्स बेचने पड़े।
रिलायंस पॉवर का IPO 2008 में ऐतिहासिक था, लेकिन उसके बाद प्रोजेक्ट्स अटक गए और निवेशकों का भरोसा टूट गया। रिलायंस कैपिटल और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी कंपनियां भी धीरे-धीरे घाटे में जाने लगीं।
तेजी से बढ़ते आर्थिक दबाव ने कॉरपोरेट दुनिया में अनिल अंबानी के साख को बुरी तरह प्रभावित किया। गलत निवेश, बिजनेस में कर्ज पर निर्भरता, और तेजी से बदलते मार्केट ने उनके साम्राज्य को हिला कर रख दिया।

🔴 2020: अनिल अंबानी ने 'शून्य संपत्ति' की घोषणा की
2020 में एक ब्रिटिश कोर्ट में अनिल अंबानी ने दावा किया कि उनकी नेट वर्थ "शून्य" है और उन्हें परिवार से आर्थिक मदद मिल रही है। ये सुनकर हर कोई हैरान रह गया, क्योंकि वो मुंबई के एक 17 मंजिला आलीशान घर में रहते हैं जिसकी कीमत करीब 5,000 करोड़ रुपये बताई जाती है।
🔴 2025 में कितनी है अनिल अंबानी की संपत्ति? (Anil Ambani current assets)
हाल की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनिल अंबानी की कुल संपत्ति अब करीब 530 मिलियन डॉलर (लगभग ₹4,500 करोड़) मानी जा रही है। ये आंकड़े 10 मार्च 2025 तक के हैं लेकिन अधिकारिक नहीं हैं। कई लोग इसे भी बढ़ा-चढ़ाकर आंक रहे हैं, क्योंकि पक्के आंकड़े सामने नहीं हैं।
अच्छी बात यह है कि रिलायंस इंफ्रा और रिलायंस पॉवर जैसे कुछ कंपनियों ने फिर से मुनाफा कमाना शुरू किया है, जिससे उम्मीद की किरण बाकी है। अनिल अंबानी की रिलायंस पावर की मार्केट वैल्यू 166.06 अरब डॉलर है।
🔴 अनिल अंबानी की दोबारा वापसी! रिलायंस पॉवर और इंफ्रास्ट्रक्चर अब कर्जमुक्त, बेटों ने संभाली कमान
▶️ कभी खुद को "शून्य नेटवर्थ" वाला कहने वाले अनिल अंबानी के लिए अब वक्त बदलता नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी कंपनियां रिलायंस पॉवर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने लगभग पूरा कर्ज चुका दिया है और अब नई ऊर्जा के साथ बाजार में वापसी कर रही हैं। इन दोनों का संयुक्त मार्केट कैप अब लगभग 11,100 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है -जो एक बड़ा टर्नअराउंड माना जा रहा है।
▶️ रिलायंस पॉवर ने अपने सारे देनदारियों का भुगतान कर खुद को पूरी तरह डेब्ट-फ्री कंपनी घोषित कर दिया है। दूसरी ओर रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने भी अपने लोन का बड़ा हिस्सा चुका दिया है और शेष कर्ज खत्म करने की दिशा में काम जारी है।
▶️ इस बदली तस्वीर के पीछे अनिल अंबानी के दोनों बेटे -अनमोल अंबानी और अनशुल अंबानी -की रणनीति और सक्रिय भूमिका को अहम माना जा रहा है। अब ये दोनों युवा कारोबारी अपने पिता की विरासत को एक नई ऊंचाई देने की तैयारी में जुटे हैं।
▶️ विशेषज्ञों का मानना है कि कर्ज से मुक्त होने के बाद इन कंपनियों पर निवेशकों का भरोसा फिर लौट सकता है। इससे इनकी मार्केट वैल्यू और मजबूत हो सकती है। साथ ही यह फाइनेंशियल सुधार अनिल अंबानी की व्यक्तिगत नेटवर्थ को भी बढ़ावा देगा।
▶️ कुल मिलाकर, यह बदलाव अनिल अंबानी परिवार के लिए फाइनेंशियल पुनर्जागरण की तरह है, जिससे वे भारतीय कॉर्पोरेट जगत में एक बार फिर सशक्त वापसी करने की ओर बढ़ रहे हैं।












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