आंध्र सरकार का दावा चंदन तस्करों की मुठभेड़ फर्जी नहीं
हैदराबाद। चित्तूर में चंदन तस्कर की मुठभेड़ पर आंध्र सरकार बुरी तरह घिरती नजर आ रही है। पुलिस पर इन सभी तस्करों को फर्जी मुठभेड़ में मारने का आरोप लग रहा है। लेकिन आंध्र प्रदेश की सरकार अभी भी अपने रुख पर कायम है कि यह काउंटर ऑपरेश जरूरी था।

आंध्र सरकार का दावा है कि जब इन चंदन तस्करों से मुठभेड़ हुई तो इनके पास बड़ी मात्रा में चंदन की खेप के साथ हथियार भी थे। वहीं सरकार की मुठभेड़ पर मानवाधिकार आयोग ने सरकार को इस मामले में घेरा है। इन संगठनों का आरोप है कि जिन लोगों को मारा गया वह महज मजदूर थे।
आंध्र सरकार का कहना है कि आंध्र पुलिस की की एंटी स्मगलिंग टास्क फोर्स जब पेट्रोलिंग कर रहे थे तो उन्होंने शेषचलम घाटी के पास चंदन तस्करी को देखा। जिसके बाद स्मगलर और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी जिसमें 20 लोगों की मौत हो गयी थी।
सरकार का दावा है कि टास्क फोर्स ने स्मगलर को आत्मसमर्पण के लिए चेतावनी दी थी। लेकिन कई बार चेतावनी के बाद भी जब स्मगलर्स ने आत्मसमर्पण नहीं किया तो पुलिस ने हवा में फायरिंग करके उन्हें आखिरी चेतावनी दी। लेकिन कोई भी स्मगलर टास्क फोर्स की चेतावनी को सुनने को तैयार नहीं था।
वहीं इन स्मगलर्स ने आत्मसर्पण करने की बजाए टास्क फोर्स पर हमला बोल दिया है। सरकार का दावा है कि तकरीबन 80 स्मगलर्स ने टास्क फोर्स पर पत्थर फेंकने शुरु कर दिये साथ ही उन्होंने कुल्हाणी और डंडों से फोर्स पर धावा बोल दिया।
गौरतलब है कि मंगलवार को चंदन तस्करों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में 20 लोगों की मौत हो गयी थी। सरकार का कहना है कि यह मुठभेड़ पहले से प्लान नहीं की गयी थी।












Click it and Unblock the Notifications