आंध्र प्रदेश ने टीबी के उपचार में 90 प्रतिशत सफलता हासिल की
आंध्र प्रदेश ने टीबी के उपचार में 90 प्रतिशत सफलता हासिल की
विशाखापत्तनम, 24 सितंबर: आंध्र प्रदेश में प्रत्येक वर्ष में साठ से सत्तर हजार टीबी यानी तबेदिक मरीजों के मामले सामने आ रहे थे। के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं राष्ट्रव्यापी टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 2020 में 90% थेरेपी सफलता मूल्य का लक्ष्य रखा गया था। महज तीन वर्षों में आंध्र प्रदेश ने 90% से अधिक सफलता दर हासिल की है।

वर्ष के पहले आठ महीनों में 62,781 मामलों को ठीक करने के साथ अगस्त में ये प्रतिशत 92 से अधिक था। लेकिन अभी भी सरकार के चुनौती है कि टीबी जिसमें कई प्रतिरोधी दवाइयां देकर ट्रीटमेंट किया जाता है उसमें मरीज दवाओं के सेवन और उपचार को सीरियस नहीं लेता है। चिकित्सा की सामान्य समझ की कमी और निर्धारित चिकित्सा का पालन न करने की वजह से एमडीआर टीबी हो जाता है।
राज्य टीबी प्रकोष्ठ के संयुक्त निदेशक (TB) डॉ टी रमेश ने कहा कि "आंध्र प्रदेश में इलाज की सफलता दर 93 फीसदी तक है। वर्ष 2021 में एक करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्यों में उपचार सफलता दर, स्क्रीनिंग, मॉनिटरिंग तरीकों और अन्य मापदंडों के मामले में आंध्र प्रदेश पहले स्थान पर रहा।"
संयुक्त निदेशक डॉ रमेश ने कहा "आंध्र प्रदेश में हर साल लगभग 2,000 दवा प्रतिरोधी मामले देखे जा रहे हैं। राज्य में जितने मामले सामने आ रहे हैं, उनमें से करीब 5 फीसदी एक्स्ट्रा पल्मोनरी ट्यूबरकुलोसिस की श्रेणी में आते हैं"।












Click it and Unblock the Notifications