वैलेंटाइन डे पर सामने आई अद्भुत प्रेम कहानी, कौन हैं सविता, जिन्होंने लिवर डोनेट कर बचाई भरत की जान?
Valentine's Day: वैलंटाइंस डे का दिन प्यार और रोमांस का प्रतीक माना जाता है, लेकिन दिल्ली के भरत और सविता के लिए यह दिन एक अनमोल तोहफे का प्रतीक बन चुका है। सविता ने अपने पति की जान बचाने के लिए 14 फरवरी को अपने लिवर का ट्रांसप्लांट किया, और आज भी यह दिन उनके जीवन में प्रेम का सबसे खास दिन बनकर उनकी ज़िंदगी का हिस्सा है।
एनबीटी में छपी खबर में दिल्ली के अशोक विहार निवासी सविता ने बताया, "मुझे ट्रांसप्लांट और डोनेशन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन जब मैंने अपने पति भरत की बिगड़ती हालत को देखा, तो मैं और इंतजार नहीं कर पाई। मैंने अपनी ओर से सभी कदम उठाए और फैसला किया कि अपने पति की जान बचाने के लिए मैं अपना लिवर डोनेट करूंगी।" 13 फरवरी 2016 को गंगाराम अस्पताल में एडमिट हुए भरत और सविता ने 14 फरवरी को ट्रांसप्लांट कराकर जीवन का सबसे बड़ा उपहार एक-दूसरे को दिया।

सविता के अनुसार, "हमने इस दिन के लिए लंबा इंतजार किया था। जबकि लोग इस दिन गुलाब का गिफ्ट देते हैं, हमने प्यार को डोनेट किया। यह तो हमारी ज़िंदगी का सबसे सुंदर गिफ्ट था।" अब, हर साल वे इस दिन को सिर्फ अपने प्यार की याद के तौर पर नहीं, बल्कि जीवन के अनमोल तोहफे के रूप में मनाते हैं।
गंगाराम अस्पताल के लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉक्टर उषास्त धीर ने इस कपल की भावना को समझाते हुए कहा, "प्रेम करने वाले कपल्स बिना सोचे-समझे एक-दूसरे की जान बचाने के लिए हर संभव बलिदान देने के लिए तैयार हो जाते हैं। यह कोई उम्र या बंधन नहीं देखता।"
यह कहानी सिर्फ भरत और सविता की नहीं, बल्कि प्रेम और बलिदान की मिसाल है, जो यह दिखाती है कि सच्चा प्यार कभी भी किसी सीमा को नहीं जानता और इसे जताने के लिए किसी खास दिन का इंतजार नहीं करना पड़ता।
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