इस IAS की हो रही है तारीफ, खास मकसद से हर हफ्ते 10 किमी पैदल जाता है
नई दिल्ली- मेघालय में तैनात एक आईएएस अफसर सारे सरकारी तामझाम छोड़कर हर हफ्ते एक दिन 10 किलो मीटर पैदल जाते हैं। मेघालय में डिप्टी कमिश्नर के पोस्ट पर तैनात आईएएस राम सिंह का हर हफ्ते 10 किलो मीटर पैदल जाने के पीछे एक बेहद ही खास मकसद है। इसके जरिए वो स्थानीय किसानों की मदद करना चाहते हैं। यही नहीं इसके माध्यम से वो सेहत और पर्यावरण के संरक्षण को लेकर भी बहुत बड़ा संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। उनके बारे में विस्तार से जानने से पहले यह समझ लेना जरूरी है कि उनके इस व्यवहार के बारे में सोशल मीडिया के जरिए जैसे-जैसे देश भर में जानकारियां पहुंच रही है लोग उनकी खूब सराहना कर रहे हैं।

10 किमी पैदल जाने वाले आईएएस
आईएएस राम सिंह अभी मेघालय के वेस्ट गारो हिल्स जिले में जिलाधिकारी या डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात हैं। उनका हफ्ते में 10 किलोमीटर पैदल जाने का ये अंदाज तब बेहद खास हो जाता है, जब उनके मिशन में उनकी पत्नी भी साथ होती हैं। सिर्फ पत्नी ही नही उनकी मासूम सी बेटी भी अपनी मां की पीठ पर पहाड़ी पगडंडियों के उतार-चढ़ाव को महसूस करती है। दरअसल, हफ्ते में 10 किमी पैदल जाने का फैसला भी दोनों ने मिलकर ही किया है। बड़ी बात ये है कि इस सफर में राम सिंह अपनी पीठ पर ऑर्गेनिक सब्जियों से भरी बांस की एक भारी बास्केट भी लेकर चलते हैं, जिसमें कम से कम 20 किलो ताजी सब्जियां होती हैं।

स्थानीय किसानों की मदद के लिए चलते हैं पैदल
सरकारी गाड़ी बंगले में छोड़कर राम सिंह के कभी वेस्ट गारो हिल्स की पहाड़ी पगडंडियों पर तो कभी पहाड़ी सड़कों पर 10 किलोमीटर जाने के पीछे कारण ये है कि वो स्थानीय किसानों से स्थानीय स्तर पर उगाई हुई सब्जियां ही खरीदना चाहते हैं, ताकि किसानों की भी सहायता कर सकें और ताजी एवं ऑर्गेनिक सब्जियां भी खरीद सकें। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी कुछ तस्वीरें डालकर एक जगह टिप्पणी लिखी है कि '21 किलो ऑर्गेनिक सब्जियों की शॉपिंग, न प्लास्टिक, न वाहन का प्रदूषण, न ट्रैफिक जाम, साथ-साथ मॉर्निंग वॉक....' इसके साथ ही वो #fitindia,#fitmeghalaya, #saynotoplastic डालकर लोगों को अच्छा संदेश भी देने की भी कोशिश करते हैं।

प्लास्टिक छोड़ने का संदेश
राम सिंह के सोशल मीडिया पोस्ट पर ऐसी तस्वीरों से भरी पड़ी हैं, जिसमें वो जिले के दूर-दराज इलाकों में पैदल जाते दिखते हैं। उनके मुताबिक, 'कई लोग शिकायतें करते थे कि सब्जियां उठाकर पैदल चलना बहुत मुश्किल है। मैंने उन्हें सलाह दी कि 'कोकचेंग' (बांस से बनी लोकल बास्केट) लेकर चलें, जिससे प्लास्टिक से भी लड़ सकेंगे। लेकिन, वे सिर्फ हंसकर टाल देते थे। इसलिए, मेरी पत्नी और मैं बांस की बास्केट लेकर बाजार जाने लगा और मुझे पता चला कि यह कई तरीकों से मदद करता है। '

हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं
हिमाचल प्रदेश के निवासी राम सिंह 1 दिसंबर, 2017 से वेस्ट गारो हिल्स के डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात हैं। उनके संदेशों से जाहिर होता है कि वह अपने इस मुहिम से स्थानीय किसानों से सीधे उनकी ऑर्गिनेक सब्जियां खरीदकर उनकी मदद तो कर ही रहे हैं और खुद और अपने परिवार को भी फिट रख रहे हैं और दूसरों को भी फिट रहने और प्लास्टिक को दूर करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।












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