लेफ्ट-राइट के पसंदीदा सांसद पी.राजीव की शख्सियत की 10 खास बातें
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) पी. राजीव को राज्य सभा में लेफ्ट-राइट विचार की राजनीति करने वाले सभी पसंद करते रहे हैं। वे केरल से राज्य सभा सांसद बने थे 2009 में माकपा की टिकट पर।

अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान उन्होंने ज्ञान से सबको प्रभावित किया। उन्हें संसद के निमयों का ज्ञानकोश भी कहा जाने लगा था। वे गुरुवार को जब सदन में अपने कार्यकाल के अंतिम दिन आए तो सारे सदन ने उन्हें संसदीय कार्य प्रणाली का धाकड़ विद्वान माना। आइये जाने पी. राजीव की शख्सियत की 10 खास बातें-
- पी. राजीव सदन को नियमों का ज्ञानकोश माना जाता था।
- वे छात्र जीवन में स्टुडेंट फेडरेशन आफ इंडिया से भी जुड़े रहे। वे डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन से भी जुड़े रहे।
- वे राज्यसभा में होने वाली सभी गंभीर बहसों का हिस्सा होते थे।
- वे वकालत भी करते हैं।
- उन्होंने केरल में शिक्षा के क्षेत्र में निजीकरण के खिलाफ कई आंदोलनों में भाग लिया।
- वे ट्रेड यूनियन लीडर भी हैं।
- बहुमुखी प्रतिभा के धनी राजीव देशभिमानी नाम के एक अखबार से भी जुड़े हुए हैं।
- राजीव के लिए कहा जाता है कि वे आगे चलकर सीपीएम के पोलित ब्यरो में जाएँगे।
- पी.राजीव की साहित्य,संगीत और कला में भी दिलचस्पी है।
- पी.राजीव अंग्रेजी, मलयालम,हिन्दी, तमिल,कन्नड़ भाषाओं को जानते हैं।












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