अम्फान गुजरा, अब बिजली और मोबाइल नेटवर्क के लिए जूझ रहे लोग
नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान अम्फान ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी तबाही मचाई है। तूफान ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता, नार्थ और साउथ परगना जिलों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। तूफान गुजर गया है लेकिन उससे जो तबाही हुई है, उससे उबरने में अब लोग लगे हैं। तूफान में बिजली के खंभे, पानी की लाइनों और मोबाइल नेटवर्क के टावरों को काफी नुकसान हुई है। ऐसे में लोगों को इन चीजों की कमीं से अब जूझना पड़ रहा है।

आज शाम तक मोबाइल नेटवर्क आने की उम्मीद
कोलकाता, नार्थ और साउथ परगना जैसे अम्फान से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में 70 फीसदी से ज्यादा मोबाइल नेटवर्क प्रभावित है। वहीं बिजली भी गुल है। हालांकि टेलीकॉम सेक्टर के लोगों ने कहा है कि शुक्रवार शाम तक 80 फीसदी से ज्यादा नेटवर्क पास आ जाएगा। बताया गया है कि टावरों को सीधे नुकसान उतना ज्यादा नहीं है लेकिन पेड़ों के टूटने और बिजली गुल होने से नेटवर्क में दिक्कत आई है।

बिना बिजली टावरों को नहीं चलाया जा सकता
सीओएआई के डीजी राजन एस. मैथ्यू ने कहा है कि बिजली बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि मोबाइल टॉवर केवल डीजल जनरेटर पर काम कर रहे हैं और वे आठ घंटे से अधिक समय तक काम करना जारी नहीं रख सकते हैं। उन्होंने बताया कि चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 8,500 मोबाइल टावर हैं, जिन पर विभिन्न ऑपरेटरों के 36,000 बेस स्टेशन चलते हैं।

अम्फान से पश्चिम बंगाल में 72 मौतें
पश्चिम बंगाल में अम्फान तूफान के चलते अब तक 72 लोगों की मौत हो चुकी है। अकेले कोलकाता में 19 लोगों की मौत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज पश्चिम बंगाल पहुंचे हैं।पीएम मोदी और ममता बनर्जी कोलकाता सहित उत्तर और दक्षिण परगना के प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। पीएम मोदी दिल्ली से कोलकाता पहुंच चुके हैं। कोलकाता पहुंचने पर राज्यपाल जगदीप धनकड़ और सीएम ममता बनर्जी ने पीएम को रिसीव किया। बुधवार को राज्य में अम्फान तूफान 160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दस्तक दी थी। लगभग 6 घंटे के तूफान से राज्य को भारी नुकसान की बात सीएम ममता बनर्जी ने कही है।












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