उपचुनाव में हार के बाद अमित शाह ने आखिरकार तोड़ी चुप्पी, बताई हार की वजह
नई दिल्ली। यूपी लोकसभा उपचुनाव के बाद भाजपा को मिली हार के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह से शनिवार को मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद अमित शाह ने कहा कि चुनाव के नतीजे उपचुनाव के नतीजे रिफ्रेंडम नहीं है। पार्टी आने वाले चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेगी। शाह ने कहा कि यूपी सरकार भाजपा शासित राज्यों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक है। पार्टी ने उपचुनाव के नतीजों को गंभीरता से लिया है और इस नतीजे का बारीकी से समीक्षा करेगी।

कम वोटिंग और सपा-बसपा गठबंधन अहम वजह
अमित शाह ने कहा कि हम ऐसी पार्टी नहीं हैं जो बिना नतीजों की समीक्षा किए अपनी बात को सामने रखे। जो नतीजे आए हैं हम उसकी बारीकी से समीक्षा करेंगे और उसके बाद आपको बताएंगे कि आखिर हम क्यों उपुचनाव में हारे, इसमे कुछ भी छिपाने वाली बात नहीं है। हालांकि उन्होंने हार के कारण पर बात करते हुए कहा कि कम वोटिंग भी इस नतीजे की एक बड़ी वजह है। कम वोटिंग के साथ सपा-बसपा का गठबंधन भी हार की एक वजह है, लेकिन इसकी विस्तृत चर्चा समीक्षा के बाद ही हो सकती है।

सपा-बसपा अस्तित्व बचाने के लिए एक हुए
सपा और बसपा के बीच गठबंधन के बारे में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि भाजपा को इस बात का भरोसा था कि वह 50 फीसदी लोगों का समर्थन हासिल करेगी। हम आगामी लोकसभा चुनाव में कम से कम 50 फीसदी वोट हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा के बीच गठबंधन एक दूसरे के अस्तित्व को बचाने के लिए है। इस गठबंधन के बाद साबित हो चुका है कि आगामी चुनाव में भाजपा सबसे बडी पार्टी रहेगी। शाह ने कहा कि उनकी पार्टी 2019 में सपा-बसपा के गठबंधन का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

योगी सरकार की तारीफ की
योगी सरकार की तारीफ करते हुए शाह ने कहा कि प्रदेश सरकार काफी जबरदस्त काम कर रही है, भाजपा शासित राज्यों में यह बेहतर राज्यों में से एक है। मुझे नहीं लगता है कि उपचुनाव के नतीजे योगी सरकार का रिफ्रेंडम है। उपुचनाव में सपा की जीत पर कांग्रेस के जश्न पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस ऐसी पार्टी है जिसके उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है, लेकिन वह चुनाव नतीजों का जश्न मना रही है। आपको बता दें कि फूलपुर और गोरखपुर में हुए उपचुनाव में भाजपा को सपा के उम्मीदवार के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद योगी आदित्यनाथ ने हार की एक बड़ी वजह अति आत्मविश्वास बताया था।
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