Amit Shah Lok Sabha Speech: महिला आरक्षण बिल के पक्ष में 207 वोट, लोकसभा में अमित शाह ने विपक्ष को घेरा

Amit Shah Lok Sabha Speech: संसद के विशेष सत्र के पहले दिन गुरुवार, 16 अप्रैल को लोकसभा में भारी हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण विधायी कदम उठाए।

सदन में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया गया, जिसके पक्ष में 207 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 126 सदस्यों ने इसके विरोध में वोट डाला। विपक्ष द्वारा डिवीजन की मांग के बाद हुए इस मतदान ने सदन के भीतर के सियासी ध्रुवीकरण को साफ कर दिया।

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अमित शाह का विपक्ष को कड़ा जवाब: धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक

चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के आरोपों का करारा जवाब दिया। अखिलेश यादव द्वारा जनगणना में देरी पर उठाए गए सवाल का उत्तर देते हुए अमित शाह ने एक बड़ी घोषणा की। शाह ने कहा, मैं पूरे देश को सूचित करना चाहता हूं कि जनगणना की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।

सरकार ने जाति आधारित जनगणना कराने का निर्णय लिया है और गणना के साथ जातिगत आंकड़े भी जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने सपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि उनका वश चलता, तो वे घरों तक को जातियों में बांट देते। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव द्वारा मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग पर शाह ने सख्त लहजे में कहा, धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक है। हम ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ हो।

Women Reservation Amendment Bill पर विपक्ष का कड़ा विरोध: संघीय ढांचे पर मौलिक हमला

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने इन विधेयकों को पेश किए जाने का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने अर्जुन राम मेघवाल और अमित शाह द्वारा लाए गए बिलों को भारतीय संघीय ढांचे पर मौलिक हमला करार दिया। वेणुगोपाल ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब संसद पहले ही 33 प्रतिशत आरक्षण पास कर चुकी है, तो अब इसे नए संशोधनों और परिसीमन के पेच में फंसाने की क्या जरूरत है?

अमित शाह ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि विधेयक पेश किए जाने के चरण में विपक्षी सदस्य केवल तकनीकी आपत्ति उठा सकते हैं, बिल के गुण-दोष पर चर्चा बहस के दौरान होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार चर्चा के दौरान विपक्ष की हर शंका का करारा जवाब देगी।

लोकसभा में पेश किए गए तीन प्रमुख विधेयक

सदन में आज कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और गृह मंत्री अमित शाह ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिल पेश किए:

संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026: महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने का वैधानिक आधार।

परिसीमन विधेयक, 2026: लोकसभा सीटों के पुनर्निर्धारण और विस्तार के लिए।

केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026: इसके तहत दिल्ली (GNCTD Act), जम्मू-कश्मीर और अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के शासन अधिनियमों में बदलाव का प्रस्ताव है।

सरकार ने नियम 66 को निलंबित करने का प्रस्ताव भी रखा है ताकि इन तीनों बिलों को एक साथ चर्चा कर पास कराया जा सके, क्योंकि ये तकनीकी रूप से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

लोकसभा में 17 अप्रैल को बड़े विधेयकों पर वोटिंग, 15-18 घंटे होगी चर्चा

लोकसभा में 17 अप्रैल शाम 4 बजे संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन बिल पर मतदान होगा। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि इन पर 15-18 घंटे या जरूरत अनुसार विस्तृत चर्चा कराई जाएगी।

2029 का लक्ष्य और PM मोदी का संकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संशोधन का समर्थन करने के लिए सभी दलों से एकजुट होने की अपील की है। सरकार का लक्ष्य 2011 की जनगणना और आगामी परिसीमन के आधार पर 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं के लिए 33% सीटें सुनिश्चित करना है।

जहां सरकार इसे महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे परिसीमन के जरिए क्षेत्रीय असंतुलन और राजनीतिक लाभ का खेल मान रहा है।

Women Reservation Amendment Bill: नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोक सभा में बोलेंगे PM Modi, 33% आरक्षण पर होगी बहस
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