Amit Shah in Assam: असम की गलियां सूनी हैं, इंदिरा गांधी खूनी हैं.... अमित शाह ने सुनाया अपनी पिटाई का किस्सा
Amit Shah in Assam गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुवाहाटी के बेलटोला में पार्टी के नए कार्यालय का उद्घाटन किया। इस दौरान अमित शाह ने लोगों को संबोधित भी किया। अमित शाह ने अपने संबोधन के दौरान एक शुरूआती दिनों का किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते समय उन्हें बहुत पीटा गया था।
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अमित शाह ने असम के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व कांग्रेस नेता हितेश्वर सैकिया के कार्यकाल के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं की गई पिटाई का किस्सा शेयर किया। अमित शाह ने कहा कि, कभी मैं यहां एबीवीपी के कार्यक्रम में आया था। तब हमें हितेश्वर सैकिया ने बहुत पिटवाया था। हम नारे लगाते थे- असम की गलियां सूनी है, इंदिरा गांधी खूनी है। तब सोचा नहीं था कि कभी इसी असम में लगातार 2 बार बीजेपी की सरकार बनेगी।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि, राहुल गांधी का 2019 के चुनावों में ये एजेंडा था कि, अगर वह सत्ता में आते हैं तो नॉर्थ ईस्ट से अफस्पा (AFSPA) हटा देंगे। वह तुष्टिकरण के लिए था। जब मुझसे पूछा गया, तो मैंने कहा कि हम पहले पूर्वोत्तर में शांति लाएंगे और फिर अफ्सपा हटाएंगे लेकिन केवल तुष्टिकरण के लिए यह नहीं करेंगे।
अमित शाह ने कहा कि, असम की भूमि को कांग्रेस ने कई साल तक आतंकवाद, विघटन, आंदोलन और हड़ताल की भूमि बना दिया था। यहां पर न विकास हो रहा था ना शिक्षा हो रही थी, न शांति थी। आज मुझे खुशी है कि 2014 से पूरा नॉर्थ ईस्ट विकास के रास्ते पर चल पड़ा है। अब नॉर्थ ईस्ट का विकास और भाजपा का नॉर्थ ईस्ट में विकास दोनों समांतर चल रहा है।
अमित शाह ने कहा कि, असम की भूमि को कांग्रेस ने कई साल तक आतंकवाद, विघटन, आंदोलन और हड़ताल की भूमि बना दिया था। यहां पर न विकास हो रहा था ना शिक्षा हो रही थी, न शांति थी। आज मुझे खुशी है कि 2014 से पूरा नॉर्थ ईस्ट विकास के रास्ते पर चल पड़ा है। नॉर्थ ईस्ट का विकास और भाजपा का नॉर्थ ईस्ट में विकास दोनों समांतर चल रहा है।
वहीं खानापारा में कार्यकर्ता सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, ये कांग्रेसी जहां पर भी बैठे हैं वो सुन ले, जवाहर लाल नेहरू ने 1962 में जब चीन की लड़ाई हुई थी तब बाय बाय असम कह दिया था। उसके बाद से कांग्रेस वाले भूल ही गए थे कि उत्तर-पूर्व भी कोई चीज है। यहां पर जिस प्रकार का अलगाववाद हुआ था, मोदी जी बिना किसी भाषण के उसमें परिवर्तन लाए। कांग्रेस के शासन में भारत को तोड़ने की प्रक्रिया हुई और कांग्रेस मूकदर्शक बनी रही। मोदी जी ने आकर भारत को तोड़ने की प्रक्रिया को बंद कर भारत को जोड़ने का काम किया है।
#WATCH मैं यहां विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम में आया था तब हमें हितेश्वर सैकिया (असम के पूर्व CM) ने बहुत मारा था... हम नारे लगाते थे असम की गलियां सूनी है इंदिरा गांधी खूनी है। उस वक्त कल्पना नहीं थी कि भाजपा अपने बूते पर 2 बार जीतकर यहां सरकार बनाएगी: गृह मंत्री अमित शाह, असम pic.twitter.com/h3NucMMuuB
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 8, 2022












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