Manipur Violence: अमित शाह ने मणिपुर की स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाई सर्वदलीय बैठक, काफी दिनों से हिंसा जारी
Manipur Violence: मणिपुर में करीब दो महीनों से जारी हिंसा के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। उन्होंने मणिपुर की स्थिति पर चर्चा के लिए 24 जून को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। पूर्वोत्तर राज्य में झड़पों के बाद से यह पहली सर्वदलीय बैठक होगी।
यह बैठक दिल्ली में दोपहर 3 बजे होगी। बैठक का उद्देश्य वर्तमान स्थिति और संघर्षग्रस्त राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के तरीकों पर विचार करना है।

इससे पहले दिन में हिंसा प्रभावित मणिपुर के भारतीय जनता पार्टी के नौ विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि राज्य के लोगों का नोंगथोम्बम बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार पर से भरोसा उठ गया है।
भाजपा के नौ विधायक करम श्याम सिंह, थोकचोम राधेश्याम सिंह, निशिकांत सिंग सपम, ख्वाइरकपम रघुमणि सिंह, एस ब्रोजेन सिंह, टी रोबिंद्रो सिंह, एस राजेन सिंह, एस केबी देवी और वाई राधेश्याम ने हस्ताक्षर किए हैं। ये सभी मैतेई समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
मणिपुर में 3 मई को पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के आयोजन के बाद जातीय झड़पें हुईं। मेइती और कुकी समुदायों के बीच हुई हिंसा में 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है।
वहीं, इससे पहले सोनिया गांधी ने बुधवार को एक वीडियो संदेश जारी कर मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मणिपुर के लोगों से शांति की अपील की है। उन्होंने लोगों से गुजारिश की है कि विश्वास फिर से कायम करें और इस कठिन परीक्षा से और भी मजबूत बनकर उभरें।
सोनिया ने कहा कि मणिपुर का इतिहास सभी जातियों, धर्मों और वर्ग के लोगों को गले लगाने की क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा, 'भाईचारे की भावना को पैदा करने के लिए बहुत ही भरोसे और सद्भावना की जरूरत होती है, जबकि एक गलत कदम से नफरत और विभाजन की आग को भड़काया जा सकता है।'
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