दिलीप घोष की CBI 'सेटिंग' वाली टिप्पणी से BJP केंद्रीय नेतृत्व नाराज, अमित शाह और जेपी नड्डा ने मांगी रिपोर्ट
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष की सीबीआई के खिलाफ टिप्पणी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल बीजेपी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
नई दिल्ली, 23 अगस्त: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष की सीबीआई के खिलाफ टिप्पणी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल बीजेपी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। दिलीप घोष का सीबीआई 'सेटिंग' वाला बयान को लेकर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिस पर केंद्रीय भाजपा नेतृत्व ने वीडियो का विवरण मांगा है।

जेपी नड्डा ने मांगी रिपोर्ट
वीडियो में दिलीप घोष को कथित तौर पर सीबीआई के खिलाफ हिंदी और अंग्रेजी में बोलते हुए दिखाया गया है। दिलीप घोष सीबीआई की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है। इस पर अमित शाह और जेपी नड्डा ने पार्टी की राज्य इकाई से अलग-अलग रिपोर्ट भेजने को कहा है।

भाजपा शर्मसार
बंगाल भाजपा प्रमुख सुकांत मजूमदार के नेतृत्व में दिलीप घोष को पहले भी कई मौके पर पार्टी के खिलाफ बोलने के लिए आगाह किया था। इसके बावजूद दिलीप घोष ने सीबीआई के खिलाफ टिप्पणी की। केंद्रीय नेतृत्व ने भी घोष की टिप्पणी के लिए उनकी निंदा की। दिलीप घोष के बयान से भाजपा को शर्मसार होना पड़ा है।

टीएमसी के कुछ नेताओं का सीबीआई के साथ समझौता
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कुछ नेताओं ने सीबीआई अधिकारियों के साथ सेटिंग की। जिसने केंद्रीय वित्त मंत्रालय को पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों को भेजने के लिए प्रेरित किया।

हमें अब तक न्याय नहीं मिला
घोष ने कहा कि सीबीआई वर्षों से समझौता कर रही थी, क्योंकि उसके अधिकारियों के एक वर्ग को खरीदा जा रहा था, लेकिन दूसरी ओर ईडी एक कुत्ता था जो काटता है, उसे वश में नहीं किया जा सकता है। कहा कि हमें सीबीआई पर भरोसा है। मुझे परवाह नहीं है कि इसे कौन चलाता है। हमें इससे न्याय की उम्मीद है लेकिन हमें अब तक नहीं मिला है।

सीबीआई के खिलाफ क्या बोले दिलीप घोष
दिलीप घोष ने सोमवार को भी सीबीआई के खिलाफ टिप्पणी पर कायम रहे। उन्होंवे केंद्रीय जांच एजेंसी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया। अदालत ने राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा में सीबीआई जांच का आदेश दिया था। कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं? कितनी एफआईआर दर्ज की गई हैं?
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