ओमिक्रॉन संकट के बीच ICMR ने दी वैक्सीन के बूस्टर डोज पर बड़ी जानकारी, जानिए क्या कहा?
नई दिल्ली, 24 दिसंबर। कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन भारत समेत दुनिया के 108 देशों में फैल चुका है। यूरोप और अफ्रीका में महामारी का तांडव एक बार फिर देखने को मिल रहा है, जिसके बाद भारत भी अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को कोविड वैक्सीन के बूस्टर डोज को लेकर आईसीएमआर के डीजी (डायरेक्टर जनरल) डॉ. बलराम भार्गव ने बड़ी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार बूस्टर डोज के लिए नीति बनाने को लेकर वैज्ञानिक डेटा की समीक्षा कर रही है, इस पर विचार-विमर्श चल रहा है।

डॉ. बलराम भार्गव ने आगे कहा, 'भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और डीबीटी मिलकर वायरस पर अध्ययन कर रहे हैं, हम कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन के असर का भी परीक्षण कर रहे हैं।' बता दें कि दुनियाभर में करीब 151000 ओमिक्रॉन के मामले सामने आए हैं, इनमें भारत के 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में से 358 ओमिक्रॉन के मामले शामिल हैं। राहत की बात ये है कि कुल 358 मरीजों में से 114 ओमिक्रॉन के मरीज ठीक हो चुके हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने एक प्रेसवार्ता में दी।
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राजेश भूषण ने आगे कहा, 183 ऑमिक्रॉन मामलों का विश्लेषण किया गया है जिसमें से 121 ने विदेश की यात्रा की थी। 44 विदेश नहीं गए थे परन्तु ज्यादातर के कॉन्टैक्ट ने विदेश यात्रा की थी। 183 में से 87 लोगों ने कोविड की दोनों डोज ली थी। 3 लोगों ने तीन डोज लगवाई हुई थी। देश की 89 फीसदी वयस्क आबादी को वैक्सीन की कम से कम एक डोज मिल गई है। 61 प्रतिशत वयस्क आबादी को वैक्सीन की दोनों डोज मिल गई हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है और हमने भी अपने देश में देखा है कि जो ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल हमने कोविड और डेल्टा के लिए अपनाए थे वो ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल ऑमिक्रॉन पर भी प्रभावी होंगे।












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