इंटरनेट पर बच्चों के अश्लील वीडियो शेयर करता था अमेरिकी, हैदराबाद से गिरफ्तार
तीन दिन पहले इंटरपोल ने भारतीय पुलिस को इसकी जानकारी दी थी एक आईपी एड्रेस से चाइल्ड पॉर्नोग्राफी को इंटरनेट पर फैलाया जा रहा है।
हैदराबाद। क्राइम इनवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) तेलंगाना में एक अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया है जो अंतरराष्ट्रीय लॉ कंपनी के हैदराबाद ऑफिस में बतौर वाइस प्रेसिडेंट काम कर रहा था। इस शख्स पर चाइल्ड पॉर्नोग्राफी कंटेंट को इंटरनेट पर सर्कुलेट करने का आरोप है। न्यू जर्सी में रहने वाले आरोपी जेम्स किर्क जॉन्स लॉ कंपनी में लैंग्वेज ऑफिसर के तौर पर काम करता था। वह हैदराबाद में साल 2012 से काम कर रहा था और मधापुर में रह रहा था। तीन दिन पहले इंटरपोल ने भारतीय पुलिस को इसकी जानकारी दी थी एक आईपी एड्रेस से चाइल्ड पॉर्नोग्राफी को इंटरनेट पर फैलाया जा रहा है।

सीसीटीवी कैमरों के जरिए की गई पड़ताल
तेलंगाना सीआईडी ने जानकारी मिलते ही मामले की छानबीन शुरू की। सीआईडी ने उस लोकेशन और आईपी एड्रेस की छानबीन की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तेलंगाना सीआईडी की साइबर क्राइम पुलिस ने पहले आरोपी के घर पर नजर रखना शुरू किया कि क्या वह बच्चों का शारीरिक शोषण करता है। सीआईडी सूत्रों ने बताया, 'हमने उसके घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की छानबीन की ताकि पता चल सके कि क्या वह बच्चों को साथ लेकर अपने घर आता है लेकिन ऐसी कोई गतिविधि दिखी नहीं।' मंगलवार को आखिरकार पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसका लैपटॉप सीज कर दिया जिसमें 29288 तस्वीरें और वीडियो मिले हैं। पुलिस को जांच के दौरान जॉन्स के पास डाटा शेयरिंग नेटवर्क 'गीगा ट्राइब' का अकाउंट भी मिला जिसमें 490 लोग उससे जुड़े हैं और ट्विटर पर भी कुछ प्राइवेट ग्रुप में उसने पॉर्नोग्राफिक कंटेंट शेयर किया। READ ALSO: खुद की बेटी बीमार थी और नाबालिग लड़कियों से दरिंदगी की फिराक में था सीरियल रेपिस्ट
आईफोन और हार्ड डिस्क भी जब्त
मामले की तहकीकात कर रही टीम ने एक एक्सटर्नल हार्ड डिस्क और एक आईफोन भी जब्त किया है जिसमें पॉर्न वीडियो मौजूद थे। आरोपी जेम्स ने कबूल किया है कि उसे पॉर्न देखने की आदत है और वह बचपन से ही ऐसा कंटेंट डाउनलोड करके देखता रहा है और दूसरों से भी शेयर करता था। सीआईडी के आईदी सौम्य मिश्रा ने बताया कि आरोपी जेम्स अविवाहित है और चाइल्ड पॉर्न देखना उसकी रोजाना की आदत में शुमार हो चुका है। सीआईडी की टीम उसकी ट्विटर प्रोफाइल और अन्य जब्त किए गए सामान की जांच कर रही है। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजा है। अगर इस मामले में वह दोषी करार दिया जाता है तो उसे पांच साल तक की कैद हो सकती है।












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