पोर्ट ब्लेयर: दो नौकरशाहों पर युवती से गैंगरेप का आरोप, आरोपियों में पूर्व मुख्य सचिव का भी नाम
अंडमान और निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में एक महिला ने दो ब्यूरोक्रेट पर गैंगरेप का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है। दोनों नौकरशाहों में एक आईएएस है। आरोपी आईएएस अधिकारी अंडमान और निकाबार द्वीप समूह का पूर्व मुख्य सचिव बताया जा रहा है। पीड़िता 21 साल की युवती है जो नौकरी की तलाश में थी जब उसे शिकार बनाया गया।

पीड़िता ने एक लेबर अफसर पर भी यौन शोषण का आरोप लगाया है। युवती की 22 अगस्त को पोर्ट प्लेयर पुलिस में शिकायत की थी जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक आरोपी अफसरों में एक आईएएस अफसर जितेंद्र नारायण हैं जबकि दूसरे आरएल ऋषि हैं जो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में श्रम आयुक्त के तौर पर तैनात हैं। आरोपी आईएएस अफसर जितेंद्र नारायण वर्तमान में दिल्ली वित्तीय निगम में चेयरमैन और प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात है। दोनों का नाम एफआईआर में आया है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता के आरोपों की जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस ने महिला को सुरक्षा मुहैया कराई है।
आरोपी अफसर जितेंद्र नारायण ने आरोपों से इनकार किया है और इन्हें बेतुका बताया है। नारायण ने आरोपों से इनकार करते हुए पीएमओ और केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक प्रतिनिधित्व भी भेजा है।
पीड़िता की तरफ से दर्ज कराई गई शिकायत में बताया है कि आईएएस अफसर के पोर्ट ब्लेयर स्थित आवास पर अप्रैल और मई में दो बार उसका यौन उत्पीड़न किया गया। पीड़िता ने आईएएस जितेंद्र नारायण के पोर्ट प्लेयर स्थित आवास की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराए जाने की मांग भी की है।
21 वर्षीय पीड़िता ने अपनी शिकायत में आगे कहा है कि वह रोजगार की तलाश कर रही थी और इस दौरान श्रम आयुक्त आरएल ऋषि से मिली थी। युवती ने शिकायत में कहा कि उसे नारायण के आवास पर ले जाया गया जहां उसे सरकारी नौकरी का भरोसा दिया गया। उसने बताया कि उसे शराब पीने को दी गई लेकिन उसने मना कर दिया। बाद में दोनों अधिकारियों ने उसका गैंगरेप किया।












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