UP के मुजफ्फरनगर से 7 हजार देकर लिया अमरनाथ यात्रा का परमिट, सांबा पहुंचीं 2 बसें तो पता चला हुआ है भर्जीवाड़ा
Amarnath Yatra 2023: अमरनाथ तीर्थयात्रियों के एक फर्जी रजिस्ट्रेशन रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ तीर्थयात्रियों को फर्जी रजिस्ट्रेशन पर्ची जारी करने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से श्रद्धालुओं को लेकर दो बसें जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले पहुंचीं। सांबा पहुंचने पर जब श्रद्धालुओं की e-KYC वेरिफिकेशन की गई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, जब 68 अमरनाथ तीर्थयात्रियों को लेकर बस e-KYC वेरिफिकेशन और RFID कार्ड जारी करने के लिए श्री चीची माता मंदिर, सांबा पहुंची तो हमें जांच के दौरान धोखाधड़ी के बारे में पता चला।
उन्होंने बताया कि जिला सूचना विज्ञान अधिकारी के नेतृत्व में जिला सांबा की e-KYC टीम द्वारा वेरिफिकेशन करने पर पता चला कि ज्यादातर तीर्थयात्रियों के यात्रा परमिट के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
तीर्थयात्रियों और ड्राइवरों से आगे पूछताछ करने पर पता चला कि इन यात्रियों को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से संचालित होने वाली विकास बस सेवा के एजेंट राहुल भारद्वाज से प्रति व्यक्ति 7000 रुपये के बदले परमिट मिला था।
सांबा के जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक शर्मा और एसएसपी बेनाम तोश की देखरेख में प्रशासन तुरंत हरकत में आया और पुलिस ने घटना का संज्ञान लिया। पुलिस स्टेशन सांबा में आईपीसी की धारा 420/468 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
सांबा के जिला मजिस्ट्रेट ने जिला मजिस्ट्रेट मुजफ्फरनगर से इन भोले-भाले तीर्थयात्रियों को धोखा देने के लिए जिम्मेदार राहुल भारद्वाज और अन्य लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का भी अनुरोध किया है। ताकि कोई भी निर्दोष तीर्थयात्री इस प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार न हो।
अधिकारियों ने कहा है कि तीर्थयात्रियों को RFID कार्ड प्राप्त करने में मदद की जाएगी, जो नए रजिस्ट्रेशन के बाद जारी किए जाएंगे। अधिकारियों ने कहा है कि सभी यात्रियों से अनुरोध है कि वे RFID काउंटरों पर उचित e-KYC वेरिफिकेशन के लिए अपने आधार कार्ड के साथ-साथ अपने प्रामाणिक यात्रा परमिट भी दिखाएं।












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