अमरनाथ हादसे का दूसरा दिन: 15000 लोगों को निकाला गया, 40 लापता, बचाव में जुटे MI-17 हेलीकॉप्टर
अमरनाथ गुफा के नजदीक बादल फटने से हुए हादसे के दूसरे दिन भी राहत बचाव का कार्य जारी है। अब तक 15 हजार तीर्थ यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
श्रीनगर, 09 जुलाई : अमरनाथ गुफा के नजदीक बादल फटने से हुए हादसे के दूसरे दिन भी राहत बचाव का कार्य जारी है। अब तक 15 हजार तीर्थ यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बचाव अभियान में बीएसएफ के MI-17 हेलीकॉप्टर को लगाया गया है। फंसे हुए घायल तीर्थयात्रियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचा रहा है। घायलों को नीलगढ़ हेलीपैड बालटाल से बीएसएफ कैंप श्रीनगर तक पहुंचा रहा है। जिससे उनका अस्पताल में उपचार किया जा सके।

अब तक 16 की मौत
एनडीआरएफ के डीजी अतुल करवाल ने कहा कि हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत हो गई है। 40 लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि भूस्खलन नहीं, लेकिन बारिश जारी है, हालांकि बचाव कार्य में कोई दिक्कत नहीं है।
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लापता लोगों की तलाश जारी
बचाव कार्य में 100 से अधिक बचावकर्मियों के साथ एनडीआरएफ की 4 टीमें मौके पर तैनात हैं। भारतीय सेना, एसडीआरएफ, सीआरपीएफ और अन्य बचाव दल को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि बादल फटने से प्रभावित इलाकों के पास लगातार मलबा साफ किया जा रहा है और लापता लोगों की तलाश जारी है।

पीएम मोदी ने एलजी से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे में शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा से बात की और स्थिति का जायजा लिया। पीएम मोदी ने कहा प्रभावितों को हर संभव सहायता मुहैया कराई जा रही है।

स्थिति पर नजर बनाए हैं मनोज सिन्हा
मनोज सिन्हा ने बताया कि पीएम ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। तीर्थयात्रियों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा मैं स्थिति पर करीब से नजर बनाए रखा हूं।

बादल फटते ही आ गई बाढ़
बता दें कि शुक्रवार शाम को पवित्र अमरनाथ गुफा के पास बादल फट गया। यह हादसा गुफा से करीब दो किलोमीटर दूर हुआ है। बादल फटने के बाद अचानक सी बाढ़ आ गई। इस भयानक बाढ़ की चपेट में घाटी में नीचे लगे टेंट आ गए। जिनमें लोग रुके हुए थे। इस दौरान हजारों तीर्थयात्री फंस गए।












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