• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

अलवर लिंचिंग: हरियाणा सरकार ने मृतक रकबर के परिजनों को सौंपा 8 लाख का चेक

|

नई दिल्ली: राजस्थान के अलवर में गौ तस्करी के शक में रकबर खान भीड़ की हिंसा का शिकार हो गए थे। रकबर खान राजस्थान के कोलगांव के रहने वाले थे। वहीं, भीड़ की हिंसा का शिकार हुए रकबर खान के परिवार को हरियाणा सरकार की तरफ से 8 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी गई है। पुन्हाणा के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट ने 5 लाख रुपये का चेक दिया, जबकि राज्यमंत्री रहीश खान ने भी 3 लाख रुपये का एक चेक दिया।

अलवर लिंचिंग: सामने आई रकबर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कई गंभीर खुलासे

Alwar mob lynching Haryana Govt grants Rs 8-lakh to victims kin

वहीं, अलवर हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई थी और स्पेशल डीजी (पुलिस) ने कहा था कि पुलिस से हालात के अनुसार चीजों की प्राथमिकता तय करने में चूक हुई। स्पेशल डीजी एनआरके रेड्डी ने कहा था कि घटना के वक्त पहले क्या करना चाहिए था इसका निर्णय करने में चूक हुई। जबकि मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एएसआई मोहन सिंह को सस्पेंड कर दिया गया और तीन सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया था।

बता दें कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, अलवर में रकबर खान की मौत लगातार पिटाई होने के कारण सदमा लगने से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रकबर खान के शरीर पर 12 जगहों पर गंभीर चोटों के निशान मिले। भीड़ की पिटाई के कारण रकबर का एक हाथ, एक पैर और पसलियां टूट गईं थी। पिटाई के कारण रकबर खान को सदमा लगा और उसकी मौत हो गई।

मध्य प्रदेश: दलित वोटों के लिए BJP ने तैयार किया 'प्लान 65000', जवाब में कांग्रेस ने बनाई 'फॉर्म रणनीति'

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Alwar mob lynching Haryana Govt grants Rs 8-lakh to victim's kin.
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more