अलवर लिंचिंग: सामने आई रकबर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कई गंभीर खुलासे
रकबर खान की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है, जिसमें कई चौंकाने वाली बातों का खुलासा हुआ है।
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नई दिल्ली। राजस्थान के अलवर में गौ तस्करी के शक में भीड़ की हिंसा का शिकार हुए रकबर खान की मौत के बाद अब संसद तक इस मामले की गूंज सुनाई दे रही है। विपक्ष ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार और भाजपा पर मॉब लिंचिंग की घटनाओं को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। मामले में राजस्थान पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद राज्य सरकार भी सवालों के घेरे में है। इस बीच रकबर खान की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है, जिसमें कई चौंकाने वाली बातों का खुलासा हुआ है।

12 जगहों पर गंभीर चोटों के निशान
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, अलवर में रकबर खान की मौत लगातार पिटाई होने के कारण सदमा लगने से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रकबर खान के शरीर पर 12 जगहों पर गंभीर चोटों के निशान मिले। भीड़ की पिटाई के कारण रकबर का एक हाथ, एक पैर और पसलियां टूट गईं थी। पिटाई के कारण रकबर खान को सदमा लगा और उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने माना, चूक हुई
अलवर हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। सोमवार को राजस्थान के स्पेशल डीजी (पुलिस) ने कहा कि पुलिस को हालात के अनुसार चीजों की प्राथमिकता तय करने में चूक हुई। स्पेशल डीजी एनआरके रेड्डी ने कहा कि मामले में मृतक को हिरासत में पीटने का कोई सबूत नहीं मिला है, लेकिन घटना के वक्त पहले क्या करना चाहिए था इसका निर्णय करने में चूक हुई। मामले में लापरवाही बरतने के कारण एएसआई मोहन सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है जबकि तीन सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के जज से कराई जाए जांच: कांग्रेस
वहीं, इस मामले को लेकर मंगलवार को संसद में भी हंगामा हुआ। कांग्रेस ने लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए अलवर मॉब लिंचिंग मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज से कराने की मांग की। कांग्रेस ने मांग की कि इस हत्याकांड में दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सीपीएम सांसद मोहम्मद सलीम ने मॉब लिंचिंग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार के मंत्री हत्यारों को माला पहना रहे हैं।












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