लॉन्च हुआ 200 हाथियों जितना भारी रॉकेट, पढ़िए 6 खास बातें

जीएसएलवी मार्क-3 डी1 रॉकेट को सोमवार को शाम 5.28 बजे लॉन्च किया गया। इसकी लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्चिंग पैड से की गई।

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने नया कार्तिमान बनाते हुए अपने भारी-भरकम रॉकेट जीएसएलवी मार्क-III डी1 को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। आइए जानते हैं इसके बारे में 6 खास बातें।

स्वदेशी तकनीक

स्वदेशी तकनीक

1- जीएसएलवी मार्क-3 डी1 रॉकेट को सोमवार को शाम 5.28 बजे लॉन्च किया गया। इसकी लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्चिंग पैड से की गई।

2- यह स्वदेशी क्रायोजेनिक अपर स्टेज इंजन से लैस है। इसे जियो सिंक्रनस ट्रांसफर ऑर्बिट यानी जीटीओ तक भारी वजन वाली संचार सैटेलाइट को ढोने के लिए बनाया गया है।

200 हाथियों जितना भारी

200 हाथियों जितना भारी

3- इस रॉकेट में क्रायोजेनिक इंजन के अलावा इसके मोटर (एस200) में 2 ठोस पट्टियां हैं और यह कोर लिक्विड बूस्टर (एल110) से लैस है।

4- इसका वजन 200 हाथियों जितना है। इसे पूरी तरह से भरे हुए बोइंग जंबो जेट के वजन के बराबर भी कहा जा सकता है। अभी तक 2300 किलो से अधिक वजह से रॉकेट को लॉन्च करने के लिए विदेशी लॉन्चर पर निर्भर रहना होता था, लेकिन इस बार इसे भारत की जमीन पर ही लॉन्च किया गया है।

कम्युनिकेशन संसाधनों को बढ़ाएगा

कम्युनिकेशन संसाधनों को बढ़ाएगा

5- यह 4000 किलो का अंतरिक्ष उपकरण जीटीओ भी ढो सकता है और 10 हजार किलो का अंतरिक्ष उपकरण भी लो अर्थ ऑर्बिट यानी एलईओ तक ले जा सकता है।

6- यह देश के कम्युनिकेशन संसाधनों को बढ़ाने का काम करेगा।

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