कौन हैं अलका लांबा? जिन्हें लोकसभा चुनाव से पहले महिला कांग्रेस की नई अध्यक्ष बनाया गया
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने दिल्ली की फायर ब्रांड नेता अलका लांबा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी ने उन्हें महिला कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, वरुण चौधरी को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) का अध्यक्ष बनाया गया है।
अलका लांबा लंबे वक्त से कांग्रेस के साथ बनी हुई हैं। हालांकि, बीच में उन्होंने आम आदमी पार्टी का दामन थामा जरूर था। लेकिन, दोबारा कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। आइए जानते हैं कौन है अलका लांबा और राजनीतिक सफर?

48 साल की अलका लांबा नई दिल्ली की रहने वाली हैं। इन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया से छात्र नेता बनकर की। वह दिल्ली विश्वविद्यालय के अध्यक्ष के रूप में चुनी गईं। 2002 में, अलका को अखिल भारतीय महिला कांग्रेस के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया था।
2006 में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुईं। इसके बाद उन्हें दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया। अलका लांबा ने दिसंबर 2013 में कांग्रेस छोड़ दी और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी में शामिल हो गईं। दिल्ली में 2015 के विधानसभा चुनाव में वह दिल्ली के चांदनी चौक निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुनी गईं। 2019 में आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर उन्होंने कांग्रेस का हाथ थामा। 2020 में उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर चांदनी चौक से चुनाव लड़ा, लेकिन वो हार गईं।
परिवार में कौन-कौन?
अलका लांबा के पिता का नाम अमर नाथ लांबा और मां का नाम राज कुमारी लांबा है। अलका की शादी लोकेश कपूर से हुई थी, लेकिन बाद में विवाद के चलते तलाक हो गया। अलका का एक बेटा भी है।
वरुण चौधरी ने मारी बाजी
आपको बता दें कि हाल ही में राहुल गांधी ने एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए 5 छात्र नेताओं का इंटरव्यू लिया था। जिसमें राजस्थान के विनोद जाखड़, तेलंगाना के वेंकट और अनुलेखा, दिल्ली के वरुण चौधरी, हरियाणा के विशाल चौधरी का नाम शामिल है। एनएसयूआई अध्यक्ष पद के लिए जब राहुल गांधी ने इंटरव्यू लिया, तो प्रभारी कन्हैया कुमार भी मौजूद थे। इस रेस में वरुण चौधरी ने बाजी मारी है।












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