Albinder Dhindsa Love Story: Zomato के नए ग्रुप CEO कैसे हार बैठे Akriti Chopra पर दिल? गजब की यह प्रेम कहानी
Albinder Dhindsa Love Story: जोमैटो में बड़े लीडरशिप बदलाव के बीच अल्बिंदर ढींडसा (अल्बी) कंपनी के नए ग्रुप CEO बन गए हैं। फाउंडर दीपिंदर गोयल ने पद छोड़कर वाइस चेयरमैन बनने का फैसला किया है। इस खबर के साथ ही सभी की नजरें अल्बिंदर की पत्नी आकृति चोपड़ा पर ठहर गई हैं।
आकृति जोमैटो की को-फाउंडर और पूर्व चीफ पीपल ऑफिसर रह चुकी हैं। दोनों की लव स्टोरी न सिर्फ रोमांटिक है, बल्कि प्रोफेशनल दुनिया में भी चर्चा का विषय बनी रही। आइए जानते हैं कि अलबिंदर ने कैसे आकृति पर दिल हारा और उनकी यह प्रेम कहानी कैसे शुरू हुई...

Who Is Akriti Chopra: जोमैटो की शुरुआती टीम से को-फाउंडर तक
आकृति चोपड़ा गुरुग्राम में जन्मीं और पली-बढ़ीं। उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल से स्कूलिंग पूरी की और लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमन से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया। 2011 में आकृति ने जोमैटो जॉइन किया। उस समय कंपनी के को-फाउंडर दीपिंदर गोयल, पंकज चड्ढा और गुंजन पाटीदार के साथ सीनियर मैनेजर के तौर पर काम शुरू किया। अगले 13 सालों तक उन्होंने जोमैटो की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई। उनकी मेहनत और स्ट्रैटेजी से कंपनी भारत की टॉप फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म बनी। 2021 में उन्हें प्रमोट कर को-फाउंडर बनाया गया। उनकी सैलरी उस समय करीब 1.63 करोड़ रुपये सालाना थी।

Albinder Dhindsa Profile : ब्लिंकिट के को-फाउंडर से जोमैटो ग्रुप CEO तक
अल्बिंदर ढींडसा पटियाला (पंजाब) के रहने वाले हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बीटेक और कोलंबिया बिजनेस स्कूल से एमबीए किया। करियर की शुरुआत ट्रांसपोर्टेशन एनालिस्ट से की। बाद में कैम्ब्रिज सिस्टमैटिक्स, यूबीएस इन्वेस्टमेंट बैंक और जोमैटो में हेड ऑफ इंटरनेशनल ऑपरेशंस रहे। 2013 में उन्होंने सौरभ कुमार के साथ ग्रोफर्स (अब ब्लिंकिट) शुरू किया। 10 मिनट डिलीवरी का आइडिया लेकर उन्होंने क्विक-कॉमर्स सेक्टर में क्रांति ला दी। 2022 में जोमैटो ने 568 मिलियन डॉलर में ब्लिंकिट का अधिग्रहण किया। अल्बिंदर CEO बने रहे। उनकी लीडरशिप में ब्लिंकिट ब्रेक-ईवन तक पहुंचा।

Albinder Dhindsa Akriti Chopra Love Story: कैसे चढ़ा इश्क का रंग?
अलबिंदर और आकृति की मुलाकात जोमैटो में हुई थी। आकृति 2011 से जोमैटो में थीं, जबकि अल्बिंदर जोमैटो में हेड ऑफ इंटरनेशनल ऑपरेशंस थे। काम के दौरान दोनों की करीबी बढ़ी। दोनों में प्रोफेशनल रेस्पेक्ट था, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गया। 2013 में अल्बिंदर ने ग्रोफर्स शुरू किया, लेकिन दोनों का रिश्ता मजबूत रहा। शादी की तारीख सार्वजनिक नहीं है, लेकिन दोनों अब पति-पत्नी हैं। आकृति ने जोमैटो में 13 साल काम किया और 2024 में इस्तीफा दिया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि ब्लिंकिट के अधिग्रहण के बाद कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट की बात उठी थी। हालांकि, दीपिंदर गोयल ने उनके जाने पर सम्मान जताया और कहा कि वे नए मौके तलाश रही हैं।

दोनों का रिश्ता: प्रोफेशनल और पर्सनल का अनोखा मेल
अलबिंदर और आकृति का रिश्ता प्रोफेशनल और पर्सनल दोनों स्तर पर मजबूत है। आकृति जोमैटो में थीं, अल्बिंदर ब्लिंकिट के CEO। जोमैटो ने ब्लिंकिट को खरीदा, तो दोनों की कंपनियां एक हुईं। यह भारत के कॉर्पोरेट जगत में दुर्लभ है। दोनों ने कभी भी अपने रिश्ते को लेकर ज्यादा सार्वजनिक बात नहीं की, लेकिन इंडस्ट्री में उनकी जोड़ी की काफी तारीफ होती है।
नया अध्याय: अल्बिंदर अब जोमैटो ग्रुप CEO
दीपिंदर गोयल ने ज्यादा रिस्क लेने और नए प्रयोगों के लिए पद छोड़ा। अल्बिंदर ढींडसा की एंट्री जोमैटो को नई ऊर्जा देगी। उनकी पत्नी आकृति चोपड़ा जोमैटो की सफलता की कहानी का हिस्सा रही हैं। यह लव स्टोरी दिखाती है कि प्यार और करियर साथ-साथ चल सकते हैं। अलबिंदर और आकृति की जोड़ी भारत के स्टार्टअप जगत में प्रेरणा है।












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